रामपुर में रविवार को मिस्टन गंज से निकले जरी के जुलूस में नोहा ख्वानी करती अजुमन और मातम करते लोग
मुहर्रम की दस तारीख को हजरत इमाम हुसैन और उनके जानिसारों की शहादत के गम में संभल, हयातनगर, सरायतरीन, -समेत क्षेत्र में बुधवार को दोपहर से ताजिये के जुलूस निकलने शुरू हो गए। एक बजे के बाद चौधरी सराय, मंडी किशनदास सराय, नूरियों सराय, सैफ खां सराय के ताजिये अस्पताल चौराहे पर आकर एकत्र हुए।
यहां से चार बजे के बाद ताजिये आगे बढ़े। एजेंटी तिराहा, आर्य समाज रोड होते हुए नखासा पहुंचे। यहां से ताजिये देर रात कर्बला में जाकर दफन किए गए। साथ ही शहबाजपुरा, गोविंदपुर, चिमयावली, मूूसापुर, ईसापुर, रहमापुर, मिलक सलारपुर, भारतल सिरसी आदि स्थानों के ताजिये कर्बला में आकर दफन किए गए। ताजियों को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ रही। छतों पर चढ़कर भी लोगों ने ताजिये देखे। सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन तैनात रहा। नगर के मुख्य चौराहा पर पुलिस फोर्स ने भारी वाहनों को नगर के अंदर नहीं आने दिया।
एडीएम राजेंद्र यादव, एएसपी कमलेश दीक्षित, एसडीएम अखिलेश यादव कोतवाली में बैठकर पल-पल की खबर लेते रहे। ताजिये के जुलूस निकलने से पहले ही बुधवार को दस बजे से ही मुरादाबाद, चंदौसी और हसनपुर मार्ग बंद हो गए। पुलिसकर्मी भी भारी वाहनों को रोकते हुए नजर आए। मुस्लिम कांफ्रेंस के अध्यक्ष आसिफ खान अपने सहयोगी