चंदौसी। गीता सत्संग भवन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का शुक्रवार को विधिविधान के साथ समापन हो गया। समापन अवसर पर हवन-पूजन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और भगवान के जयकारे लगाए। इस अवसर पर कथावाचक शिवशंकर भारद्वाज ने श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का महत्व बताते हुए सत्य, धर्म और मानव सेवा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
कथा के समापन पर कथावाचक ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन जीने की सही दिशा देने वाला दिव्य ज्ञान है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में सत्य, धर्म, भक्ति, सेवा और अच्छे संस्कारों को अपनाना चाहिए। कथावाचक ने कहा कि नियमित रूप से भगवान का स्मरण, सत्संग और धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करने से मन को शांति मिलती है और जीवन की अनेक कठिनाइयों का सामना करने की शक्ति प्राप्त होती है।
कथा पंडाल में अन्य लोगों के साथ साथ विनय अग्रवाल, लवकुश गोगी, अनिल गोयल, विनोद गोयल, बिंटू शर्मा, रानी, हिमानी, मयंक अग्रवाल और अनीता शर्मा सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।