चंदौसी (संभल)। ऑनलाइन फार्मेसी के अवैध संचालन पर रोक लगाने और खुदरा दवा विक्रेताओं के अस्तित्व की रक्षा किए जाने की मांग को लेकर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन का एक दिवसीय व्यावसायिक बंद सफल रहा। यहां शहर में बाइक रैली निकालने के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन राज्यमंत्री गुलाब देवी को सौंपा गया। इसके साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि दवा विक्रेताओं की मांगें नहीं मानी गईं तो एसोसिएशन की ओर से उग्र आंदोलन किया जाएगा।
केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर शहर के अधिकांश दवा विक्रेताओं ने दोपहर दो बजे तक अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। सुबह दस बजे युवा व्यापारी नेता अनुज वाष्र्णेय अन्नू के नेतृत्व में बाइक रैली निकालकर सभी दवा विक्रेताओं से दुकानें बंद रखने की अपील की गई। इसके बाद केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले सभी दवा विक्रेता शहर के फव्वारा चौक पर एकत्र हुए और यहां से पैदल मार्च करते हुए राज्यमंत्री गुलाब देवी के आवास तक पहुंचे और उन्हें मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। दोपहर बाद सभी मेडिकल स्टोर खोल दिए गए।
मुख्यमंत्री के नाम दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि ऑनलाइन कंपनियों द्वारा दिए जा रहे अनुचित डिस्काउंट के कारण पारंपरिक दवा दुकानें बंद होने की कगार पर हैं, जिससे भारी बेरोजगारी फैल रही है। ऑनलाइन पोर्टल्स पर बिना वैध पर्चे के या पुराने पर्चों पर बार-बार दवाएं डिलीवर की जा रही हैं। कड़े नियंत्रण के अभाव में युवा वर्ग ऑनलाइन माध्यम से आसानी से नशीली और आदत बनाने वाली दवाएं मंगा रहा है, जो समाज के लिए घातक है। दवाओं के रखरखाव के लिए एक निश्चित तापमान की आवश्यकता होती है, लेकिन ऑनलाइन डिलीवरी के दौरान इन नियमों का पालन नहीं होता, जिससे जीवन रक्षक दवाएं निष्प्रभावी हो जाती हैं। ऑनलाइन बेची गई दवाएं यदि नकली या हानिकारक निकलती हैं, तो उसकी सीधी जवाबदेही तय करना बेहद कठिन होता है। ऑनलाइन फार्मेसियां कानून की कमियों का फायदा उठा रही हैं।
ज्ञापन के माध्यम से जनहित और रोजगार की रक्षा के लिए दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाए जाने, बिना उचित लाइसेंस और नियमों के उल्लंघन के दवा बेचने वाले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई किए जाने और कॉर्पोरेट कंपनियों के एकाधिकार से छोटे और मध्यम दवा व्यापारियों को बचाने के लिए नीति बनाई बनाने की मांग की गई। इस दौरान एसोसिएशन अध्यक्ष पायल मल्होत्रा, सचिव राकेश गुप्ता, अनुज वाष्र्णेय, अमित अग्रवाल, सुनील चौहान, रत्न वाष्र्णेय, नीरज शर्मा, संभव जैन, अशोक अग्रवाल राकेश अरोरा, कपिल अरोरा, विशाल अग्रवाल, दिनेश मौर्य, तरुण चौधरी आदि मेडिकल संचालक मौजूद रहे।