चंदौसी जिला न्यायालय में आजीवन कारावास की सजा होने के बाद दुष्कर्म के दोषी को जेल ले जाती पुलिस। ?
- फोटो : CHANDAUSI
चंदौसी (संभल)। ढाई वर्ष पहले ननिहाल में आई आठ माह की मासूम के साथ पड़ोसी युवक ने दुष्कर्म किया था। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोष सिद्ध होने पर दोषी युवक को आजीवन कारावास व तीस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आदित्य कुमार सिंह ने बताया कि 16 नवंबर 2019 को गुन्नौर कोतवाली में एक महिला ने पुलिस को तहरीर देकर गांव के ही युवक पर अपनी आठ माह की बेटी के साथ दुष्कर्म करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तहरीर में बताया था कि वह अपने मायके गुन्नौर थाना क्षेत्र के एक गांव में आई हुई थी। पड़ोस का ही युवक उमेश उसकी आठ माह की बेटी को खिलाने के बहाने अपने साथ घर ले गया था। वहां आरोपी ने मासूम के साथ दुष्कर्म किया। बच्ची के चीखने चिल्लाने पर उसके मामा-मामी व अन्य परिजन मौके पर पहुंच गए थे।
दुष्कर्मी युवक उन्हें देखकर छत से कूदकर फरार हो गया था। परिजनों को बच्ची लहूलुहान हालत मेें मिली थी। परिजन बच्ची को लेकर थाने पहुंचे थे तथा घटना से पुलिस को अवगत कराया था। घटना के कुछ घंटों बाद पुलिस ने दुष्कर्मी युवक को गांव बैरपुर टेंपो स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया था। बच्ची की मां की तहरीर पर पुलिस ने युवक के खिलाफ दुष्कर्म व पोक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस ने युवक के विरुद्ध न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रेप केसेस एंड पोक्सो एक्ट निर्भय नारायण राय ने की। गवाह व साक्ष्यों के आधार पर उन्होंने आरोपी युवक उमेश को मासूम बच्ची के दुष्कर्म का दोषी पाया। उन्होंने आरोपी उमेश को आजीवन कारावास व तीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।