चंदौसी(संभल)। न्यायालय ने थाना हयातनगर क्षेत्र में वर्ष 2017 में किशोरी को बहला फुसला कर भगा ले जाने और दुष्कर्म के मामले में एक दोषी को 12 वर्ष के कारावास और 31 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) / अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में हुई।
विशेष लोक अभियोजक आदित्य कुमार सिंह ने बताया कि वादी ने थाना हयातनगर पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें बताया कि एक मई 2107 को उसकी 17 वर्षीय पुत्री को गांव का ही पप्पू बहला फुसला कर भगा ले गया। इसमें पुत्री सोने व चांदी की अंगूठी, चेन, पायल आदि और 12000 रुपये भी ले गई है। इसको भगाने में ऋषिपाल, सत्यवीर व राजवती ने मदद की है।
दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में तलाश किया लेकिन पुत्री नहीं मिल पाई। पुलिस ने पप्पू, सत्यवीर, ऋषिपाल व राजवती के खिलाफ बहला फुसला कर भगा ले जाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली। इसी बीच पुलिस ने किशोरी को बरामद कर और युवक पप्पू को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने पप्पू के खिलाफ भगा ले जाने और दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया।
किशोरी ने अपने बयान में बताया कि एक मई 2017 को वह घर में अकेली थी। घर में पप्पू आ गया और उसे बहला फुसला कर जबरदस्ती अपनी साथ गाड़ी में बैठा कर चंड़ीगढ़ ले गया। उसके साथ गाड़ी में ऋषिपाल, सतवीर व राजवती भी मौजूद थे। चंडीगढ़ में पप्पू ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। पप्पू उसे कमरे से बाहर भी नहीं निकलने देता था।
मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) / अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने पप्पू को दोषी करार देते हुए 12 वर्ष के कारावास और 31000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड में से आधी धनराशि पीड़िता को दी जाएगी।