हयातनगर थाना क्षेत्र के दो युवकों को टूरिस्ट वीजा और फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस थमाकर सऊदी अरब भेज दिया गया। मामला तब खुला जब युवकों से ड्राइविंग न कराकर घास कटवाई गई। फर्जीवाड़े का शिकार हुए युवक किसी तरह से वापस अपने देश आए और थाना पुलिस को पूरा वाकया बताया।
वह ड्राइविंग लाइसेंस भी पेश किया, जो फर्जी तरीके से बनाया गया था। हयातनगर के पुलिस ने बताया कि लाइसेंस पीलीभीत के क्रमांक का है पर इसे संभल की सीरिज का बताकर दिया गया। इसका कोई रिकार्ड संभल में नहीं है। यात्री एवं मालकर अधिकारी ने भी इसकी पुष्टि कर दी। अब फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस और धोखाधड़ी करके रुपये हड़पने के इस मामले में आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।
संभल जिले के घुमावली गांव निवासी फरमान और सरायतरीन के शेरपुर निवासी जरीफ को फर्जीवाड़ा करके सऊदी अरब भेजा गया था।
इन्हें तीन महीने का टूरिस्ट वीजा बनाकर दिया गया। दोनों को सऊदी में कार ड्राइविंग की नौकरी का झांसा दिया गया। इसके बदले में डेढ़-डेढ़ लाख रुपये तय किए गए। लेकिन पूरे रुपये नहीं लिए गए। जरीफ से 1.40 लाख और फरमान से 1.05 लाख रुपये वसूले गए। इसके बदले में इन्हें फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस तथा टूरिस्ट वीजा दिया गया। यह लोग सऊदी अरब पहुंचे तब इन्हें फर्जीवाड़े का अहसास हुआ। पीड़ितों ने बताया कि उन्हें पहले से न तो वीजा दिखाया गया और न ही ड्राइविंग लाइसेंस।
जिस दिन दिल्ली से सऊदी अरब के दम्माम की फ्लाइट थी। उसी दिन एयरपोर्ट पर उन्हें वीजा और ड्राइविंग लाइसेंस दिया गया। उनसे कहा गया था कि उन्हें किसी परिवार की कार चलानी होगी पर ऐसा कुछ नहीं था। ठगे जाने का अहसास होने पर यह लोग किसी तरह से देश में वापस आ गए। यहां पर इन्होंने ठगी करने वाले व्यक्ति से अपना रुपया वापस मांगा।
ठगी करने वाले व्यक्ति ने जब अपना पल्ला झाड़ा तो मामला पुलिस तक पहुंच गया। हयातनगर के थाना प्रभारी बृजमोहन गिरी ने बताया कि प्रथम दृष्टया फर्जीवाड़ा पुष्ट हो गया। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस विवेचना करेगी। जो लोग बेरोजगार युवकों को झांसा देकर ठग रहे हैं उन सभी के खिलाफ कार्रवाई होगी। सरायतरीन के ठग व्यक्ति के नेटवर्क में कौन-कौन है, इसका पता लगाया जाएगा।