एहतियाती तौर पर गांव में पुलिस तैनात है और जिला प्रशासन के अधिकारी निगरानी बनाए हुए हैं।
असमोली थाना क्षेत्र के गांव भैंसोंड़ा में एक मदरसा है। उसका द्वार गली में था लेकिन अचानक दो पिलर बनाए गए और उस पर मुख्य मार्ग की ओर एक नया द्वार लगा दिया गया। लोहे का नया द्वार और पिलर देखकर लेकर दूसरे संप्रदाय के लोगों ने आपत्ति की।
आपत्ति करते ही विवाद खड़ा हो गया। गांव में टकराव के हालात बन गए। इस दौरान किसी ने चौकी पुलिस को खबर दे दी। चौकी पुलिस ने मौके पर जाकर मढ़न चौकी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर द्वार का काम रुकवा दिया। द्वार लगाए जाने की सूचना थाना पुलिस तथा वरिष्ठ अधिकारियों को दी। तनाव के हालात होने पर कई थानों की पुलिस को मौके पर भेजा गया। अपर पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित, सीओ अफसर अब्बास जैदी, एसडीएम जेबी सिंह पहुंचे। अधिकारियों ने नव निर्मित द्वार हटवा दिया।
चार महीने से सुलग रही थी चिंगारी
ओबरी(संभल)। मदरसे के निर्माण चार माह पूर्व हुआ था। तभी से विवाद की चिंगारी सुलग रही थी। जब बुधवार को नवनिर्मित मदरसे का पुराना दरवाजा बंद कर नया दरवाजा लोगों ने लगाया तो दूसरे वर्ग मे आकोश फैल गया। पुलिस को सूचना दी गई। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश सिंघल ने जिला प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिया।
मदरसे के द्वार को लेकर विवाद की नौबत पैदा हुई थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर विवाद को निबटाया है। मैंने मौके का दौरा किया है। गांव में एहतियाती सतर्कता बनाए रखने के आदेश दिए हैं। पुलिस की निगरानी बनी हुई है। -कमलेश दीक्षित, अपर पुलिस अधीक्षक।