महिला ने लिया था श्योराज का नाम
घटनाक्रम के अनुसार गुन्नौर कोतवाली के ग्राम रसूलपुर निवासी किशनपाल की विधवा अनेगश्री 18 मई की भोर में करीब साढ़े तीन बजे संदिग्ध परिस्थिति में आग लगने से गंभीर रूप से झुलस गई। उसी दिन पहले अलीगढ़ और बाद में दिल्ली उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। इस मामले में अनेगश्री ने गांव के ही श्योराज व उसके एक अन्य साथी द्वारा आग लगाए जाने का बयान दिया था। इसी आधार पर महिला के भाई अमरीश निवासी ग्राम गोकुलपुर थाना रामघाट, जनपद बुलंदशहर ने श्योराज व एक अज्ञात के खिलाफ जान से मारने की नीयत से महिला को जिंदा जलाने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराया था।
महिला के पति की हो चुकी 13 साल पहले मौत
इस गंभीर घटना की जानकारी होने पर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी समेत अन्य पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे थे। अनेगश्री के पति की 13 साल पहले मृत्यु हो गई थी। उस समय उसका पुत्र छह माह का था। पुलिस द्वारा मामले में की गई विवेचना में जो सच सामने आया, पुलिस के अनुसार महिला अनेगश्री का गांव के ही कल्याण से प्रेम प्रसंग चल रहा था। अनेगश्री अपने पुत्र के साथ गांव में एक कमरे में रह रही थी। वह दूसरी जगह अपना दो कमरों का मकान बनवा रही थी।
मकान बनाने को लेकर हुआ था श्योराज से महिला का विवाद
इसी के निर्माण को लेकर पड़ोसी श्योराज से उसका विवाद हुआ था। इसकी शिकायत उसने प्रेमी कल्याण से की तो उसने श्योराज को फंसाने के लिए योजना बना डाली। साजिश के तहत कल्याण ने कहा कि वह अपने कपड़ों में थोड़ा सा डीजल डालकर आग लगा लेना और श्योराज का नाम लगा देना। महिला ने ऐसा ही किया, लेकिन वह आग में 80 प्रतिशत जल गई थी। घटना के कुछ मिनट बाद ही कल्याण उसके घर पहुंच गया और महिला को लेकर गुन्नौर के एक अस्पताल में पहुंचा। यहां डॉक्टर ने उपचार करने से इनकार कर दिया तो वह महिला को अलीगढ़ ले गया। यहां जानकारी होने के बाद महिला के भाई समेत अन्य मायके वाले भी पहुंच गए। यहां से महिला के भाई ने कल्याण को भगा दिया। इसके बाद नाजुक हालत में अनेगश्री को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने कल्याण सिंह को सोमवार की सुबह 8.45 बजे उसके घर से ही गिरफ्तार कर लिया।
शुरू से ही शक के दायरे में था महिला का प्रेमी कल्याण
महिला की आग में जलने से हुई मौत को लेकर शुरू से ही उसका प्रेमी कल्याण शक के दायरे में था। इसमें पहला शक तो गांव के लोगों को तभी हो गया था, जब साढ़े तीन बजे महिला को आग लगी और गांव के दूसरे छोर पर रहने वाला कल्याण चंद मिनट में ही महिला के पास पहुंच गया। परिवार के लोगों को जानकारी भी नहीं हुई और वह इलाज के लिए उसे अलीगढ़ तक ले गया। इसके साथ ही महिला को रास्ते में यही समझाया कि उसे श्योराज को फंसाने के लिए उसी का नाम लेना है। घटना के बाद कल्याण लगातार उसके साथ रहा और अंतिम संस्कार में भी मौजूद रहा।
पुलिस का बयान
महिला के गांव के ही कल्याण सिंह नामक व्यक्ति से प्रेम प्रसंग चल रहा था। पुलिस की विवेचना में प्रकाश में आए कल्याण सिंह पर शक की सुई घूमी तो खुलासा हो गया। महिला का पड़ोसी से विवाद चल रहा था। जिसके चलते उसके प्रेमी ने पड़ोसी को फंसाने के लिए महिला को खुद आग लगाने के लिए उकसाया था। मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। -मनोज कुमार तोमर, एएसपी दक्षिणी संभल।