थाना गुन्नौर क्षेत्र के हत्या व एससीएसटी एक्ट के मामले में न्यायालय ने दो आरोपियों को आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
थाना गुन्नौर के गांव रिवाड़ा के रहने वाले चंद्रपाल पुत्र श्यामलाल ने एक तहरीर थाना पुलिस को दी थी। जिसमें उसने बताया कि 14 फरवरी 2006 की शाम साढ़े छह बजे उसके गांव का ही मुकेश और राजू निवासी गांव अभयपुर थाना दादों जिला अलीगढ़ उसके घर आए और उसके बेटे छत्रपाल को अपने साथ मोटरसाइकिल पर बैठा कर ले गए। इसके बाद बेटा छत्रपाल घर वापस नहीं लौटा। आरोपी मुकेश से पूछा तो उसने कहा कि मुझे नहीं पता कि छत्रपाल कहां है। उसके बाद मुकेश और राजू को गांव में नहीं देखा गया।
विशेष लोक अभियोजक शालिनी ने बताया कि 21 फरवरी 2006 को गांव के उमेश के लैहटा के खेत में छत्रपाल की लाश मिली थी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज कर मुकेश और राजू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और विवेचना के बाद दोनों आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की गई थी।
इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट रागिनी के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने दोनों आरोपी मुकेश व राजू को हत्या और एससीएसटी एक्ट व लाश छुपाने आदि के आरोप में आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।