चंदौसी(संभल)। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने गैर इरादतन हत्या के आरोप में पिता-पुत्रों सहित चार लोगों को आजीवन कारावास व 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
जिला शासकीय अधिवक्ता सत्यपाल सिंह गुर्जर ने बताया कि थाना बहजोई क्षेत्र के गांव सादातबाड़ी मडैय्या निवासी वीर सिंह ने चार अक्तूबर 2015 को थाने में मौखिक सूचना दी थी। बताया था कि उसका बेटा भुल्लन चार अक्तूबर को खेत पर बाजरा लेने जा रहा था। रास्ते में सरकारी स्कूल के पास आरोपी ओमपाल, उनके बेटे चरन, नरेश, मुकेश ने पीड़ित के बेटे भुल्लन को रोक लिया था। गाली-गलौज करते हुए आरोपियों ने उसकी लाठी-डंडों से पिटाई की थी। शोर सुनकर वीर सिंह व अन्य लोगों ने भुल्लन को आरोपियों से बचाया था। भुल्लन को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल बहजोई ले गए। वहां से मुरादाबाद रेफर कर दिया। हालत में सुधार न होने पर उसे उपचार के लिए दिल्ली अस्पताल में भर्ती कराया। कोमा में जाने के कारण 15 अक्तूबर को उसकी मौत हो गई। वीर सिंह ने बताया कि भुल्लन के तहेरे भाई का एक वर्ष पूर्व आरोपियों से झगड़ा हुआ, लेकिन भुल्लन फैसला नहीं कर रहा था। इसी विवाद के चलते आरोपियों ने भुल्लन की लाठी डंडों से पिटाई की थी।
भुल्लन की मौत के बाद उसके पिता वीर सिंह ने 16 अक्तूबर को थाने में चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या की तहरीर दी थी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर ओमपाल, उनके बेटे चरन व नरेश, मुकेश के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था। इस मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश भानु देव शर्मा ने की। दोनों पक्षों की सुनवाई के दौरान गैर इरादतन हत्या के आरोप में ओमपाल, नरेश, चरन, मुकेश को आजीवन कारावास व 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।