गुन्नौर। तहसील के गंगा किनारे बसे गांवों में तेंदुए की दहशत अब घरों तक पहुंच गई है। दस दिन में दो बार तेंदुआ दिखने से लोग डर के साये में जी रहे हैं। गंगावास गांव में एक घर की छत पर तेंदुआ दिखा। घर के लोगों ने देखा तो चीख निकल पड़ी। वहीं, इसी गांव के ग्रामीण की बाइक के आगे अचानक तेंदुआ आ गया। किसी तरह जान बचाकर ग्रामीण भागकर घर लौटा।
ईशमपुर के बाद अब गंगावास में तेंदुए की दहशत हो गई है। शुक्रवार की रात करीब आठ बजे तेंदुआ किसान चेतराम के मकान की छत पर चढ़ गया। किसान ने बताया कि उसी समय वह खाना खाकर परिवार के साथ छत पर गए तो तेंदुआ दिखा। दहशत के मारे पूरे परिवार की चीख निकल गई। शोर सुनकर तेंदुआ खेतों में भाग गया। पूरे गांव में हड़कंप मच गया। देखते-ही-देखते 50 से अधिक ग्रामीण लाठी-डंडे और टॉर्च लेकर मौके पर दौड़ पड़े। घटना के बाद से पूरे गांव में रातभर पहरा दिया गया।
गंगावास निवासी अशोक ने बताया कि बुधवार शाम वह अपनी बेटी तनु के साथ बाइक से नरौरा जा रहा था। गंगा बांध पर सुनसान रास्ते में अचानक झाड़ियों से निकलकर तेंदुआ बाइक के सामने आ गया। तेंदुए की चमकती आंखें देख बेटी चीख पड़ी। अशोक ने हिम्मत दिखाते हुए बाइक वापस गांव की ओर मोड़ दी और बाल-बाल बचे।
वन क्षेत्राधिकारी बृजमोहन ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर टीम लगातार गंगा किनारे गश्त कर रही है। शुक्रवार रात छत पर तेंदुआ आने की सूचना मिली है। पहले बिचपुरी सैलाब के जंगल में पिंजरा लगाया गया था, जहां मूवमेंट नहीं मिला। अब उस पिंजरे को हटाकर गंगावास में लगाया जाएगा। कैमरे भी लगाए जाएंगे।
दस दिन में दूसरी बार दिखा तेंदुआ
दस दिन पहले गुन्नौर के ही ईशमपुर गांव में तेंदुआ देखा गया था। तब वन विभाग और पुलिस ने पिंजरा लगाकर दो दिन तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया था, लेकिन तेंदुआ चकमा देकर भाग गया। अब गंगावास में उसकी मौजूदगी से विभाग के भी हाथ-पैर फूल गए हैं। महिलाएं शाम के बाद घर से बाहर नहीं निकल रही हैं। किसानों ने अकेले खेत पर जाना बंद कर दिया है। अब 4-5 किसान समूह में लाठी-डंडे लेकर खेतों पर जा रहे हैं। सबसे ज्यादा चिंता बच्चों को लेकर है। अभिभावक बच्चों को स्कूल छोड़ने और लेने खुद जा रहे हैं।