असमोली थाना क्षेत्र के गांव शकरपुर सोत के खेतों में रविवार की दोपहर में तेंदुआ होने का शोर मचा तो दहशत फैल गई। गोवंशीय पशु का शिकार करने का भी ग्रामीणों ने दावा किया है। सूचना मिलने पर वन क्षेत्राधिकारी पहुंच गए। लेकिन तब तक ग्रामीणों ने गोवंशीय पशु के बचे अवशेष को दबा दिया। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि तेंदुआ होने का कोई सबूत नहीं मिला है। पगचिह्न के फोटो लिए गए हैं। उससे लग रहा है कि लकड़बग्घा हो सकता है।
दरअसल, रविवार की दोपहर में असमोली थाना क्षेत्र के गांव शकरपुर सोत के खेतों में किसान दर्शन सिंह के गन्ने के खेत में गोवंशीय पशु का शिकार कर तेंदुए द्वारा खींचते हुए ले जाने का शोर मचा। आसपास के लोग एकत्र हो गए। पुलिस और वन विभाग को सूचना दी गई। ग्रामीणों ने गोवंशीय पशु के अवशेष को दबा दिया। वन क्षेत्राधिकारी विनोद रायजादा मौके पर पहुंचे। उन्होंने खेत में मिले पगचिह्न के फोटो लिए। उन्होंने बताया कि यह तेंदुए के पगचिह्न के नहीं है, लकड़बग्घा हो सकता है। वन क्षेत्राधिकारी ने ग्रामीणों से सतर्क रहने के लिए कहा है। वहीं, दूसरी ओर ग्रामीणों में अभी भी तेंदुए की दहशत बनी हुई है।