संभल। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने अपनी लंबित मांगों के निस्तारण के लिए शासन और राजस्व परिषद का ध्यान आकर्षित किया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेश के लेखपाल 17 अक्तूबर से चरणबद्ध तरीके से संपूर्ण कार्य बहिष्कार करेंगे।
संघ की तहसील इकाई के अध्यक्ष पुष्पेंद्र कुमार और मंत्री अनुराग शर्मा ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में लेखपालों द्वारा सामना की जा रही कई समस्याओं का उल्लेख है। इनमें बढ़ते कार्यभार, संसाधनों की कमी, लंबित पदोन्नति और वेतन विसंगति प्रमुख हैं। अतिरिक्त कार्यभार और अवकाश के दिनों में भी ड्यूटी जैसी समस्याएं भी बताई गई हैं। संघ ने प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड पे की मांग दोहराई है।
साथ ही, वेतन विसंगति दूर करने की भी मांग की है। लेखपालों में असंतोष है और वे शासन से सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं। इस दौरान रवि कुमार, सुभाष चंद्र, रोहित कुमार, विकास कुमार, विनय कुमार यादव, संजीव कुमार, सर्वेश खान, स्पर्श गुप्ता, सुनील कुमार यादव, हर्ष रस्तोगी, नीरज सैनी आदि रहे।
प्रमुख मांगें
संघ ने 16 वर्षों से लंबित भत्तों में वृद्धि की मांग की है। स्टेशनरी भत्ता 100 से बढ़ाकर 500 रुपये और विशेष भत्ता 100 से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग है। मोटरसाइकिल/वाहन भत्ता 1500 रुपये किए जाने की भी मांग की गई है। इसके अलावा, पटल सहायक और प्रभारी राजस्व निरीक्षक के कार्य से संबद्ध लेखपालों को अवमुक्त करने की मांग भी है। लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित कर लैपटॉप व मोबाइल उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई है। ग्राम सचिवालयों में आधारभूत सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की भी मांग है।