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उपकरण और स्टाफ का अभाव, शुरू नहीं हो पाईं 10 पैथोलॉजी लैब

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संभल। सीएचसी में एनसीडी के तहत खोली गईं 10 पैथलैब अब तक चालू नहीं हो सकी हैं। कहीं तकनीकी स्टाफ तो कहीं उपकरण के अभाव में मरीजों की उच्च रक्तचाप व मधुमेह समेत अन्य कई जांच नहीं हो पा रही है। इस कारण मरीज रक्त संबंधी जांच को निजी केंद्रों पर भटक रहे हैं।
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जिले भर के 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केद्रों में नॉन कम्न्यूकेबिल डिजीज (एनसीडी) के तहत मरीजों की रक्त समेत अन्य दूसरी जांचों के लिए पैथलैब स्थापित की गईं थीं। करीब दो वर्ष पहले बहजोई के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तत्कालीन जिलाधिकारी ने पैथलैब का शुभारंभ किया था, लेकिन अब तक यह लैब चालू नहीं हो सकी हैं। कहीं स्टाफ की कमी है, तो कहीं उपकरणों का अभाव। खास बात यह है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बनाई गईं इन पैथलैबों के लिए जिलास्तर से प्रति वर्ष केमिकल व उपकरण आदि लगातार भेजे जा रहे हैं।
अनदेखी कर रहे स्वास्थ्य विभाग के अफसर
एनसीडी के तहत जिले भर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्थापित की गईं पैथलैबों व एक वृद्घावस्था वार्ड को को सुचारु रूप से संचालित करने को लेकर विभागीय अफसर उदासीन हैं। मशीनों व उपकरणों का लाभ मरीजों को नसीब नहीं हो पा रहा है। पूरे मामले में बात करने पर विभागीय अफसर एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टाल देते हैं।
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यह होंगी जांचें
इन लैबों में मरीजों की मधुमेह व उच्च रक्तचाप समेत लीवर व किडनी आदि तथा फिजियोथैरेपी व कंप्यूटरीकृत मॉनिटर से ऑक्सीजन, पल्स व उच्च रक्तचाप आदि की जांचों का फायदा मिल सकता है।
एक-दूसरे के संपर्क में आने से नहीं फैलने वाली बीमारी को लेकर जिले भर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पैथोलॉजी लैब स्थापित की गई थी। साथ ही मुख्यालय पर एक वृद्घावस्था वार्ड भी स्थापित किया गया था। अब चिकित्सा व तकनीकी अभाव के चलते पैथोलॉजी लैब व वृद्घावस्था वार्ड प्रभावित हो रहा है। प्रयास किया जा रहा है कि जल्द ही यह सभी लैबों को सुचारु रूप से संचालित किया जा सके। डा. विश्वास अग्रवाल, नोडल अधिकारी, एनसीडी
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