सड़क पर एक मीटर से कम दूरी का भी मुश्किल से दिखाई दे रहा है। ऐसे में वाहनों का संचालन रात मेें लगभग न के बराबर हो गया है। वाहन चालकों ने जहां सुरक्षित स्थान देखा वहीं अपने वाहन साइड से लगाकर रात काटने का निर्णय लिया।
ठंड में गलन और ठिठुरन ने जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। हर तरफ कोहरे के कहर के बीच कड़कड़ाती सर्दी ने परेशानी बढ़ा रखी है। घर हो या फिर आफिस हर तरफ ठंड से निजात के लिए लोग मशक्कत करते नजर आ रहे हैं। कोहरे के आगोश में सूर्य भगवान छिपे तो एक भी किरण नजर नहीं आई। दिन भर गलन के साथ भीषण ठंड ने कहर बरपाया। निजी और सरकारी कार्यालयों में कामकाज ठप सा रहा। कर्मचारियों ने अलाव के इर्द गिर्द बैठकर समय काटा। बाजारों में भी सूनापन रहा। उधर, ठंड के बावजूद प्रशासन ने रैन बसेरे के लिए कोई व्यवस्था नहीं की है। रैन बसेरा का ताला नहीं खुल सका।
कोहरे में लेट हुईं ट्रेनें, आज नहीं आएगी उपासना एक्सप्रेस
बढ़ते कोहरे ने ट्रेनों की चाल बिगाड़ दी है। रोजाना ट्रेनें बीस-बीस घंटे तक लेट चल रही हैं। शुक्रवार को भी 44 ट्रेनें देरी से चलीं। वहीं कोहरे में देरी से चल रही उपासना एक्सप्रेस को एक दिन के लिए कैंसिल कर दिया गया है। हावड़ा से देहरादून जाने वाली ये ट्रेन आज मुरादाबाद नहीं आएगी। वहीं डाउन दिशा में ये ट्रेन रविवार को नहीं चलेगी।
कोहरे में ट्रेनों का संचालन रेलवे के लिए चुनौती बनता जा रहा है। अधिकांश ट्रेनें देरी से चल रही हैं। इस देरी के चलते ट्रेनों को कैंसिल करना पड़ रहा है। रोजाना एक दो ट्रेनें निरस्त हो रही हैं। कोहरे में पंद्रह से बीस घंटे की देरी चल रही हावड़ा-देहरादून उपासना एक्सप्रेस को कैंसिल कर दिया गया है। हावड़ा से देहरादून जाने वाली उपासना एक्सप्रेस (12327) दस दिसंबर और देहरादून से हावड़ा जाने वाली उपासना एक्सप्रेस (12328) ग्यारह दिसंबर निरस्त रहेगी।
इसके पूर्व भी कोहरे के चलते कई ट्रेनें कैंसिल की जा चुकी है। वहीं कोहरे के चलते ट्रेनों की लेटलीतीफी जारी है। शुक्रवार को लखनऊ मेल, श्रमजीवी, एसी, पद्मावत, काशी विश्वनाथ, जनता, जलियावाला बाग, बेगमपुरा, सप्तक्रांति सहित चौवालिस ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा। हालांकि ट्रेनों के संचालन के लिए मंडल के 103 स्टेशनों के आउटर पर 1058 पटाखे लगाए।