सिरसी में मजलिस को संबोधित करते मौलाना आफाक आलम। संवाद
- फोटो : katra news
सिरसी। सिरसी में नबी-ए-करीम हजरत रसूले खुदा की बेटी हजरत फात्मा जहरा की शहादत पर इमाम बारगाहों और अजाखानों में मजलिसों का सिलसिला जारी है। इमाम बारगाह मोहल्ला शर्की सादात में हुई मजलिस में मर्सिया मेहताब हुसैन व उनके साथियों ने पढ़ा। मजलिस को मौलाना आफाक आलम ने संबोधित करते हुए कहा कि अपने मां-बाप की इज्जत करो। हर समय उनका विशेष ध्यान रखो।
उन्होंने कहा कि मां की एक रात की हुई बच्चों की देखभाल का कर्ज अगर औलाद पूरी जिंदगी भी माता पिता की सेवा करें तब भी वह नहीं उतार सकती। इसलिए हर वक्त अपने बूढ़े माता-पिता का विशेष ध्यान रखो। बिल्कुल उस तरह जैसे बचपन में उन्होंने आप का रखा था। मां-बाप की दुआएं सबसे ज्यादा लगती हैं। वह मां-बाप ही है, जो अपनी औलाद की तरक्की पर सबसे ज्यादा खुश होते हैं। कहा कि अगर किसी ने उनका दिल दुखाया तो वह इस दुनिया में और आखिरत में सुख नही पाएगा। बल्कि अल्लाह उसको जहन्नुम में डाल देगा। इसलिए मां बाप का दिल नहीं दुखाना चाहिए। उनकी सेवा करते रहें।
मजलिस के अंत में नबी ए करीम की बेटी फात्मा जहरा के ऊपर हुए जुल्मों को बयान करते हुए हजरत इमाम हुसैन के मसाइब पढ़े, जिसे सुनकर अजादारों की आंखें नम हो गईं।