कविता और सुधीश की शादी 2013 में हुई थी। यह तीसरा करवा चौथ था। हालांकि सुधीश को 22 अक्तूबर से दुट्टी मिली थी, लेकिन कविता समेत परिवार में खुशी और उत्साह का माहौल था।
बताते चलें कि चार महीने पहले ही सुधीश कुमार की पत्नी कविता ने एक नन्हीं परी को जन्म दिया था।
इसका नाम खुद सुधीश ने ही सुधि रखा था। वह हर रोज पत्नी और बेटी के बारे में फोन पर बातें किया करते थे। उन्हें करवाचौथ के बारे में एलओसी पर ड्यूटी करते हुए भी याद थी। यही वजह थी कि उन्होंने जब रविवार को अपनी मां के पास फोन किया तो दो ही बातें मुख्य रूप से कीं। पहली बात बेटी के लिए थी और दूसरी बात पत्नी के लिए। सुधीश अने अपनी मां से रविवार को दोपहर हुई बातचीत में कहा था कि नन्हीं बेटी सुधि के लिए सर्दी बढ़ गई है।
इसलिए गर्म कपड़े बाजार से लाकर दे दीजिएगा। दूसरी बात थी पत्नी के लिए। सुधीश ने मां से कहा था कि वह इस बार करवा चौथ के बाद दिवाली पर आएंगे। इसका उल्लेख करते हुए सुधीश ने मां से कहा था कि वह खुद बाजार आएं और कविता के लिए करवा चौथ व्रत से संबंधित सामान लाकर दे दें।
लेकिन कविता को क्या पता था कि करवा चौथ के एक दिन पहले ही उनका सुहाग छिन जाएगा।