संभल/चंदौसी। महाशिवरात्रि को लेकर प्रमुख शिवालयों में तैयारियां शुरू हो गईं हैं। जिन मार्गों से होकर कांवड़िये गुजरेंगे, वह बदहाल हैं। कहीं सड़क की बजरी उखड़ी पड़ी है तो कहीं सड़कों के साथ मंदिर परिसर में ही नालियों का गंदा पानी भरा है। रविवार को चंदौसी में शिवभक्तों ने प्रदर्शन कर समस्या के समाधान की मांग उठाई।
एक मार्च को महाशिवरात्रि है। 28 फरवरी की रात से ही शिव मंदिरों में जलाभिषेक शुरू हो जाएगा। दो से तीन दिन पहले विभिन्न शिवालयों की ओर कांवड़ियों का निकलना प्रारंभ हो जाएगा। असमोली, पवांसा, संभल और सिरसी होकर तमाम कांवड़िये गुजरते हैं, लेकिन शिवालयों को जाने वाले यह मार्ग इन दिनों खराब हैं। पवांसा-दिलगौरा मार्ग पर कीचड़ फैली हुई है और जलभराव है।
वहीं, असमोली क्षेत्र के गुमसानी में मंदिर को जाने वाला संपर्क टूटा हुआ है। जलभराव, कीचड़ और टूटे रास्तों से स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि राहगीर भी परेशान हैं। बाइक सवार कई बार गिर कर चोटिल हो चुके हैं। आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि प्रशासन चाहे तो समस्या का समाधान हमेशा के लिए कर सकता है। लेकिन ध्यान नहीं दिया जाता, जिस कारण समस्या बनी रहती है।
वहीं चंदौसी के सीता रोड स्थित मूंछों वाले शिव मंदिर के आस पर नाली चौक होने के कारण सड़क पर जलभराव की समस्या बनी हुई है। जलभराव के विरोध में रविवार को शिव भक्तों ने नगर पालिका प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। शिव भक्त राहुल अग्रवाल, अतुल शंखधार, श्री शर्मा, बबलू, दीपक शाक्य, नेकपाल, गौरव शंखधार, करन कुमार, जय यादव, राजीव मौर्य, दीपेंद्र, रंजीत आदि ने नगर पालिका से महाशिवरात्रि से पूर्व समस्या समाधान की मांग की है।
इसके अलावा शहर के मिले गांव मौलागढ़ में प्राचीन शिव मंदिर में महाशिवरात्रि पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु शिव मंदिर पर जलाभिषेक करते हैं। शिव मंदिर परिसर व मंदिर के सामने सड़क पर नालियों का पानी भरा है। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। मंदिर परिसर व सड़क पर जलभराव होने से शिवभक्तों में रोष व्याप्त है। जबकि दोनों ही शिव मंदिरों पर महाशिवरात्रि पर मेलों का आयोजन किया जाता है। महाशिवरात्रि से पहले समस्या निस्तारण की मांग की है।