बनियाठेर। गांव गुमथल के वनखंडी संत आश्रम पर बृहस्पतिवार को श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया। कथा से पूर्व पीले वस्त्र धारण की हुई महिलाओं ने ढोल नगाड़ों के साथ गांव में कलश यात्रा निकाली। संत आश्रम से शुरू हुई कलश यात्रा गांव के मुख्य चौराहों व गलियों का भ्रमण करती हुई वापस अपने प्रारंभिक स्थल पर पहुंचकर संपन्न हुई। यहां विधिवत पूजा अर्चना के बाद कलश की स्थापना कर कथा की शुरुआत की गई। कथा के पहले दिन कथा वाचक हिरदेश शास्त्री ने बताया कि कि भागवत कथा में जीवन का सार मौजूद है। इस कथा को निर्मल मन और स्थिर चित्त के साथ श्रवण करने से मनुष्य को परमानंद की प्राप्ति होती है। साथ ही, मानव को प्रेत योनि से मुक्ति मिलती है। यह कथा केवल एक व्यक्ति के जीवन को नहीं, बल्कि उनकी सात पीढि़यों को मोक्ष प्रदान करने की शक्ति रखती है। कथा के बीच - बीच में भजन मंडली ने सुंदर-सुंदर भजनों की प्रस्तुति दी।
कथा के समापन पर आरती कर प्रसाद का वितरण किया गया। कार्यक्रम में उर्मिलादेवी, नीरज देवी प्रजापति, अलका दिवाकर, मल्लो देवी, विमला देवी, कुमारी रीना, विद्या देवी, अंजलि, रोशनी, करिश्मा, नीतू, लक्ष्मी, जानवी यादव, ज्योति, तनु आदि मौजूद रहे।