अट्ठाइस दिनों की बाजार बंदी ने जहां सर्राफा व्यापारियों के सामने आर्थिक संकट पैदा कर दिया तो वहीं उससे जुड़े श्रमिक वर्ग के सामने रोजी रोटी की समस्या पैदा कर दी है। यही कारण है कि व्यापारी एक्साइज ड्यूटी का विरोध तो कर रहे हैं लेकिन होली के बाद से लगातार बाजार खोल रहे हैं। बाजारों में एक बार फिर रौनक लौट आई है।
सर्राफा व्यापारियों की देशव्यापी बाजार बंदी कहीं-कहीं डगमगाने लगी है, क्योंकि सर्राफा बाजार पर अब आर्थिक संकट गहराने लगा है। अट्ठाइस दिन एक लंबी बाजार बंदी है, जिससे सर्राफा व्यापारियों का कारोबार ही हाशिये पर आ गया है, ग्राहक गांव देहात क्षेत्रों में बैठे सर्राफा व्यापारियों की ओर रुख कर रहे हैं।
वहीं मजदूर वर्ग का भी लगातार दबाव व्यापारियों को झेलना पड़ रहा है। यही कारण है कि एसोसिएशन के आह्वान के बावजूद चंदौसी में बाजार बंदी सफल नहीं हो रही है। होली के बाद से लगातार बाजार खुल रहा है। इधर चार दिन पहले ही सर्राफा व्यापारियों ने सांसद सत्यपाल सैनी को एक ज्ञापन सौंपा था। जिस पर सांसद ने मंगलवार को दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलकर उनके सामने सर्राफा व्यापारियों की समस्याएं रखीं। केंद्रीय मंत्री ने शीघ्र ही समस्या का समाधान कराने को भरोसा भी दिलाया है।