सपा को पहले घरेलू विवाद को घर में बैठकर निपटा लेना चाहिए था। लखनऊ जाकर सड़क पर इस तरह विवाद नहीं करना चाहिए था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सत्ता में आने पर दंगे कराने का आरोप लगाया। जाट आरक्षण के मामले में हम समाज के लोगों के साथ है।
गांव पनसुखा मिलक निवासी शहीद सुधीश कुमार के घर बुधवार को राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय महासचिव जयंत चौधरी सांत्वना देने पहुुंचे। यहां उन्होंने कहा कि अभी तक गठबंधन पर विचार नहीं किया है। कुछ दिनों पहले सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव का रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह के पास गठबंधन केे बावत चर्चा करने के लिए फोन आया था। उन्होंने कहा था कि पहले कुनबे की कलह शांत करो इसके बाद गठबंधन पर विचार किया जाएगा। कहा कि कुछ लोग सेना से सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांग रहे हैं। मगर हमें अपनी सेना पर पूरा भरोसा है। केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मोदी सरकार चुनाव से पहले कहती थी कि अगर हमारे एक भी सैनिक का सिर कटा तो हम पाकिस्तान के दस सैनिकों का सिर काट लेंगे लेकिन सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार अपने सभी वादे भूल गई है। सीमा पर जो संघर्ष हो रहा है। वह बेवजह है। कभी प्रधानमंत्री पाकिस्तान में जाकर उनसे दोस्ती की बाते करते हैं तो कभी उनसे बदला लेने की बात कहते हैं। आशंका जताई कि मोदी सरकार प्रदेश में चुनाव से पहले सत्ता में आने के लिए दंगा भी करा सकती हैं। जाट समाज को आरक्षण के मामले में वाले की हम जाट समाज के साथ हैं। प्रेस वार्ता में जयंत चौधरी के निशाने पर भाजपा ही रही। सपा व कांग्रेस के सवालों पर चुप्पी साध गए।
शहीद सुधीश कुमार के घर पहुंचे राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय महासचिव जयंत चौधरी शहीद के गांव की स्थिति देखकर दुखी हो गए। कहा कि जिस गांव ने देश को पांच-पांच जवान दिए और एक जवान देश की रक्षा करते-करते शहीद भी हो गया। वहां बिजली और रास्ता तक नहीं है। इसके लिए सरकार को शहीदों के गांवों में विकास करने के लिए शहीद स्मृति विकास योजना शुरू करनी चाहिए।
अमरोहा में विश्राम करने और बिलारी में सभा को संबोधित करने के बाद जयंत चौधरी बुधवार को शाम करीब छह बजे संभल के गांव पनसुखा मिलक में शहीद सुधीश कुमार के घर पहुंचे। उन्होंने अपनी पार्टी पदाधिकारियों के साथ शहीद की समाधि स्थल पर पुष्प अर्पित कर श्रद्घांजलि दी। इसके बाद वह शहीद के घर पहुंचे। यहां उनके भाई अनिल, पिता बृह्मपाल सिंह से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। आपका बेटा देश के लिए लड़ते-लड़ते शहीद हुआ है। हम आपके साथ हैं। हैरत जताई कि आपके परिवार से शहीद सुधीश के अलावा चार जवान और देश की सेवा कर रहे है लेकिन गांव की हालत इतनी खस्ता है कि सड़कों पर निकलते हुए धूल उड़ती है और गांव में बिजली भी नहीं है। सुधीश कुमार को शहीद हुए दस दिन हो गए हैं लेकिन अभी तक गांव में कोई भी विकास कार्य शुरू नहीं हुआ है। कहा, अब सरकार को शहीदों के गांव में विकास कराने के लिए शहीद स्मृति योजना शुरू करनी चाहिए। जिससे शहीदों के गांव में विकास हो सके। उन्होंने कहा कि इस योजना को शुरू कराने के लिए मैं प्रयास करूंगा। जब शहीद के परिजन मुख्यमंत्री को बुलाना चाहते थे तो उन्हें शहीद के परिजनों से मिलने आना चाहिए था। इसके बाद वह शहीद की पत्नी कविता व मां संतो देवी से भी मिले। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र नरवार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मुंशी रामपाल, पश्चिमी प्रदेश के महासचिव चौधरी शूरवीर सिंह, मंडल अध्यक्ष राजवीर सिंह, मनोज चौधरी, जिलाध्यक्ष अजयवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
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