जुनावई। ब्लॉक क्षेत्र की 11 ग्राम पंचायतों में सरकारी योजनाओं और जनसुविधाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाने में लापरवाही सामने आई है। जिलाधिकारी के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए 10 पंचायत सहायकों की सेवा समाप्त करने के आदेश दिए गए हैं। इस कार्रवाई से पंचायत सहायकों में खलबली मच गई है।
जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने जिला पंचायत राज अधिकारी गिरीश कुमार को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए थे। गिरीश कुमार ने संबंधित पंचायत सहायकों को नोटिस जारी कर 27 सितंबर तक एडीओ पंचायत के माध्यम से साक्ष्यों सहित जवाब मांगा था। एडीओ पंचायत पंकज कुमार ने भावना, सुमन, नीरज, पिंकी रानी, पायल, पिंकी, सुनीता यादव, ऊषा, पंकज यादव, मोहित कुमार और संदीप यादव समेत 11 पंचायत सहायकों को नोटिस दिए थे।
इन सहायकों पर आय, जाति, मूल निवास प्रमाण पत्र, फार्मर रजिस्ट्री, आयुष्मान कार्ड, फैमिली आईडी जैसी सुविधाएं उपलब्ध न कराने का आरोप था। इसके अतिरिक्त, निराश्रित, विधवा, वृद्धावस्था पेंशन, रेट्रोफिटिंग, शौचालय योजना, गजेटियर, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री आवास के सत्यापन में भी लापरवाही बरती गई थी। कन्या सुमंगला योजना के ऑनलाइन आवेदन और सत्यापन में भी अनियमितता पाई गई।
एक ने दिया जवाब, 10 ने की अनदेखी
अहरौला नवाजी गांव की एक पंचायत सहायिका ने शनिवार को अपना जवाब प्रस्तुत कर दिया। हालांकि, शेष 10 पंचायत सहायकों ने निर्धारित समय सीमा में कोई जवाब नहीं दिया। जवाब न मिलने पर विभागीय अधिकारियों ने सख्त कदम उठाया। संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों को निर्देश दिए गए हैं। उन्हें तीन दिन के अंदर, छह अक्तूबर तक इन पंचायत सहायकों की सेवा समाप्ति की कार्रवाई पूरी करनी होगी।