मसवासी के बिजारखाता में सूखा पड़ा जंगिया वाला तालाब।
सरकारी जमीनों पर कब्जे हो रहे हैं और सरकार के नुमाइंदे देख नहीं पा रहे। एसडीएम कार्यालय के पास तालाब की जमीन पर ही वर्कशॉप चलाई जा रही है तो मिलक सिरसी में ग्राम समाज की जमीन पर भी कब्जा है। यह हाल एक दो जगहों का नहीं है, जिलेभर में ये नजारे आम हैं।
कुछ लोगाें की लालच की भेंट सरकारी जमीनें चढ़ रही हैं और पुलिस प्रशासन को कोई फर्क ही नहीं है। हाल यह है कि, तालाबों को कब्जामुक्त कराने के कोर्ट के आदेश का भी पालन नहीं कराया जा रहा है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि, अवैध कब्जे हटाए जा रहे हैं।
संभल में एसडीएम कार्यालय के पास सड़क के किनारे तालाब की जमीन पर एक वर्कशॉप अरसे से संचालित की जा रही है। अधिकारियों और नेताओं की गाड़ियां यहां पर ही ठीक होती हैं। जब योगी सरकार आई तो शिकायत के बाद मौजूदा एसडीएम ने तहसीलदार को अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया।
एक दिन अधिकारी गए और कुछ देर के लिए अतिक्रमण हटा दिया गया लेकिन उसके अगले ही दिन से कब्जा फिर हो गया। मौके पर गाड़ियां ठीक की जा रहीं हैं। वर्कशाप संचालित है। वहीं राजस्वकर्मी कागजों पर अतिक्रमण हटा चुके हैं। इसी तरह मिलक सिरसी गांव में ग्राम समाज की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे बरकरार हैं।
गांव के प्रधान आले हसन नवंबर 2016 से अवैध कब्जे की शिकायत कर रहे हैं लेकिन एक राजस्वकर्मी की वजह से अवैध कब्जे हटाए नहीं जा रहे हैं। आले हसन कहते हैं कि जब ग्राम प्रधान की सुनवाई नहीं तो आम आदमी का क्या हाल होगा।