चंदौसी (संभल)। आधारकार्ड केंद्र संचालकों ने मनमानी शुरू कर दी है। लोगों से आधार कार्ड बनाने और संशोधित कराने के नाम पर 500 रुपये का सुविधा शुल्क वसूला जा रहा है। पैसे न देने पर वापस लौटाया जा रहा है। इसके बाद भी प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
शासन ने बैंक और डाकघरों को आधार कार्ड बनाने और संशोधित करने के लिए अधिकृत किया गया है। यूआईडीएआई से अधिकृत ऑपरेटर बैंक और डाकघरों में बैठकर आधार कार्ड संबंधित कार्य कर रहे हैं। इन दिनों राशन कार्ड की ई-केवाईसी और डीबीटी के लिए आधार कार्ड बनवाने और संशोधित कराने के लिए लोग परेशान हो रहे हैं। सुबह से लेकर शाम तक आधार कार्ड केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं। घंटों लाइनों में लगने के बाद मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। एक महीने से आधार कार्ड केंद्रों पर भीड़ जुट रही है। जिसका फायदा मशीन ऑपरेटर उठा रहे हैं। लोगों से 500 रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक की वसूली हो रही है। लाइन में लगने के बाद लोगों को टोकन पूरे होने के नाम पर वापस कर दिया जाता है। इसके बाद उन लोगों को बुलाया जाता है, जिनसे सुविधा शुल्क मिल जाता है। मंगलवार को इंडियन बैंक के आधार केंद्र पर कई लोगों ने ऑपरेटर पर पैसे मांगने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि पैसे न देने पर उनको वापस भेज दिया गया। वहीं घासमंडी उप डाकघर के ऑपरेटर पर दलाल के माध्यम से काम करने का आरोप लगा है। एसडीएम नीतू रानी ने बताया कि शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी। जो दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बोले लोग
कई दिन से आधार कार्ड संशोधित कराने के लिए परेशान हूं। लाइन में लगने के बाद मुझे वापस कर दिया। ऑपरेटर जल्द काम करवाने के नाम पर 500 रुपये मांग रहा है।-राजू , आटा
बच्चों के आधार कार्ड संशोधित होने हैं। पांच दिन से चक्कर लगा रहा हूं। मुझसे कहा गया कि पांच सौ रुपये देंगे तो जल्द नंबर लगवा देंगे।-राजवीर, घटिया गेट
सुबह आया तो कहा कि टोकन बंट चुके हैं। पांच छह दिन इंतजार करना पड़ेगा। अगर वह हजार रुपये देगा तो उसका जुगाड़ हो सकता है।-शक्ति सिंह, चुन्री मोहल्ला
कई दिन हो गए मुझे चक्कर लगाते हुए, लेकिन अभी तक आधार कार्ड नहीं बना। डाकघर में सिर्फ दस लोगों के आधार कार्ड बनाए जाते हैं। शेष को वापस भेज दिया जाता है।-केपी सिंह, आदमपुर