लेकिन इसके बावजूद ग्रामीण की हालत बिगड़ गई। उसकी मौत हो गई। अस्पताल पर नकली इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीण भड़क गए और सीएचसी परिसर को घेर लिया।
स्वास्थ्य कर्मियों के आवासों पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। डाक्टर व अस्पताल कर्मियों ने शौचालय में छिपकर अपनी जान बचाई। एसडीएम व सीओ ने पहुंचकर समझा बुझाकर स्थिति को संभाला।
गुन्नौर थाना क्षेत्र के जाफरपुर गांव निवासी हरिओम यादव (40) पुत्र लीलाधर यादव को तीन महीने पहले एक पागल कुत्ते ने काट लिया था।
हरिओम के परिजनों के अनुसार गुन्नौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाकर उसने नियमित रूप से पांच एंटी रैबीज इंजेक्शन भी लगवाए थे। लेकिन इसके बाद भी उसकी हालत बिगड़ने लगी। पानी देखकर डरने लगा तो मंगलवार को परिजन सीएचसी लेकर आए। वहां प्रभारी चिकित्साधिकारी ने उसे अलीगढ़ रेफर कर दिया। अलीगढ़ में भी डाक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए। कहा कि यह हाइड्रोफोबिया का शिकार हो चुका है, इसे घर ले जाएं। वापस लौटते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
हरिओम की मौत की खबर से ग्रामीण आक्रोशित हो गए। सैकड़ों ग्रामीण सीएचसी गुन्नौर पहुंच गए। सीएचसी घेर ली, अस्पताल कर्मियों से अभद्रता शुरू कर दी, जिससे यहां भगदड़ मच गई। आवासीय परिसर की ओर भीड़ ने पथराव कर दिया। प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.एनके गुप्ता, फार्मेसिस्ट जसवंत सिंह सहित सभी कर्मचारियों ने शौचालय में छिपकर जान बचाई। वहीं से सीओ प्रमोद कुमार व एसडीेएम कृपाशंकर यादव को सूचित किया। कुछ देर बाद सीओ, एसडीएम ने फोर्स के साथ मौके पर पहुंचकर दोषियों पर कार्रवाई व आर्थिक सहायता दिलाने का भरोसा दिलाकर समझा बुझाकर शांत किया। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।