चंदौसी। न्यायालय ने थाना बनियाठेर के गांव बनियाखेड़ा में दहेज मांगने के दोषी पति एक वर्ष के कारावास और एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर 10 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जबकि आरोपी जेठ को साक्ष्य के अभाव में बरी किया।
वादी मेहराज बी ने पुलिस को दी तहरीर में कहा था कि उसकी बेटी शमरीन जहां का निकाह हाशम अली निवासी गांव बनियाखेड़ा थाना बनियाठेर के साथ दस हजार रुपये के तय मेहर के साथ हुआ था। अपनी हैसियत के अनुसार 21 हजार रुपये, टीवी, फ्रिज आदि सामान समेत जेवर दिए थे। शादी के बाद शिकायत कर्ता अपनी बेटी की ससुराल पहुंची तो बेटी ने बताया कि ससुराल वाले कम दहेज के ताने देते हुए उसके साथ मारपीट करते हैं। 25 हजार रुपये, मोटरसाइकिल व एक भैंस लाने की मांग कर रहे हैं। दो दिन बाद ससुराल वालों ने शमरीन को मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया।
पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर पति हाशम अली व जेठ मस्ते अली निवासी गांव बनियाखेड़ा के अलावा छह अन्य के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करी। विवेचना उपरांत हाशम अली, मस्ते अली व अब्दुल वहीद के नाम आए। जिनके विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र प्रस्तुत किया गया। मुकदमे के दौरान अब्दुल वहीद की मृत्यु हो गई।
इस मुकदमे की सुनवाई सिविल जज जूनियर डिवीजन/न्यायिक मजिस्ट्रेट अक्षिता मिश्रा के न्यायालय में हुई। जहां न्यायालय ने आरोपी जेठ मस्ते अली को मारपीट व दहेज मांगने के आरोप से साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त किया। आरोपी पति हाशम अली को दहेज मांगने का दोषी करार देते हुए एक वर्ष के कारावास और 1000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा करने पर 10 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।