चंदौसी। न्यायालय ने थाना रजपुरा क्षेत्र के वर्ष 2020 में हुए दहेज हत्या के मामले में पति को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 10000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। मुकदमे की सुनवाई जनपद न्यायाधीश के न्यायालय में हुई।
जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल दीक्षित ने बताया कि वादी धर्मवीर सिंह ने तीन फरवरी 2020 को एक तहरीर थाना रजपुरा पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें पीड़ित ने बताया कि उसने अपनी बहन ममता की शादी अब से पांच वर्ष पूर्व श्यामवीर निवासी गांव सलेमपुर थाना रजपुरा जिला संभल के साथ हैसियत के अनुसार दान दहेज देकर की थी। शादी में दिए दान दहेज से पति व ससुराल वाले खुश नहीं थे और आये दिन कम दहेज का ताना देकर उसकी बहन को प्रताड़ित व मारपीट करते थे।
हत्या के 15 दिन पहले बहन ने उसे फोन कर बताया कि ससुराल वाले पांच लाख रुपये व एक सोने की जंजीर की मांग कर रहे हैं। मांग पूरी न होने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इसके चलते तीन फरवरी 2020 की सुबह पांच बजे बहन की ससुराल से किसी व्यक्ति ने फोन कर बताया कि उसकी बहन को मार दिया है। वह रिश्तेदारों व गांव वालों के साथ बहन की ससुराल पहुंचा तो बहन ममता का शव घर में जमीन पर पड़ा था और ससुराल वाले गायब थे।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर पति श्यामवीर, वेदवती उर्फ वीरवती व श्यौराज सिंह के विरुद्ध दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। विवेचना के बाद साक्ष्य जुटा कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। मुकदमे की सुनवाई जनपद न्यायाधीश दुर्ग नारायण सिंह के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने पति श्यामवीर को दोषी करार देते हुए बीस वर्ष का सश्रम कारावास और 10000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की आधी धनराशि मृतका की मां को दी जाएगी। अभियुक्त द्वारा जेल में बिताई गई अवधि सजा में शामिल की जाएगी।