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शानो-शौकत के साथ मनाया हजरत अली का जन्मदिन

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सिरसी स्थित मस्जिद मोहल्ला सादात शर्की में मुशायरे के दौरान कलाम पढ़ते शायर। - फोटो : SAMBHAL
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संभल। कस्बा सिरसी में हजरत अली का जन्मदिन अकीदत व एहतराम के साथ मनाया गया। घर-घर में नजरो नियाज दिलाई गई। मस्जिदों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया।
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मगंलवार को सिरसी में हजरत अली का जन्मदिन शानो-शौकत के साथ मनाया गया। इस्लामी कलेंडर के अनुसार हर साल रजब के महीने की 13 तारीख को हजरत अली का जन्मदिन के साथ मनाया जाता है। मुस्लिम समाज के लोगों ने गले मिलकर एक दूसरे को अली डे की मुबारकबाद दी। मस्जिद मोहल्ला सादात के पेश इमाम मौलाना मीसम अब्बास ने हजरत अली की जिंदगी पर रोशनी डाली। वहीं नगर के नूरियो सराय व मियां सराय में भी हजरत अली की शान में महफिलों का आयोजन हुआ। शायरों ने कलाम पेश किए। मस्जिदों, इमामबाडों घरों में चिरागा किया गया और नियाज कराई गई। वक्ताओं ने कहा कि हजरत अली इल्म और न्याय का सूरज है। गरीबो मजलूमों की मदद करने में अपना जीवन गुजरने वाले हजरत अली ईश्वर की इबादत में भी बेमिसाल थे। देररात तक मस्जिदें रोशनी से जगमगातीं रहीं।
शान से मनेगा शाह सय्यद मियां का उर्स
संभल। जोगीपुरा में उर्स कमेटी ईदगाह शरीफ की बैठक हुई। इसमें उर्स के आयोजन को लेकर रणनीति तैयार की गई।
मंगलवार को आयोजित बैठक में उर्स कमेटी ईदगाह शरीफ के फरमान हुसैन तुर्की ने बताया कि शनिवार को शाह सय्यद अफसर मियां का उर्स पाक सय्यद तालिब मियां कादरी की अध्यक्षता में शानो-शौकत के साथ मनाया जाएगा। अकीदत मंद हाजिरी देकर दुआ करेंगे। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी संजीव रंजन को जनपद में भाईचारा व शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गरीब नवाज अवार्ड देकर सम्मानित किया जाएगा। स
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शायरों ने कलाम पेश कर लूटी वाहवाही
संभल। कस्बा सिरसी की मस्जिद मोहल्ला सादात शर्की में अली-डे पर मुशायरे का आयोजन हुआ। इसकी शुरूआत हदीस तिलावत से मौलाना मुनव्वर रजा और कलाम ए पाक की तिलावत अली मेंहदी ने की। निजामत मौलाना गुफरान व फेहमरान ने की। शायर सलमान रिजवी ने कहा गर हो, मुमकिन फिर बनाना हमको शियाने अली अच्छे लगते हैं, खुदा हम बस इसी किरदार में। मुनाजिर ने कहा कि अब्बास को लिखा गया हैदर की आरजू हमको दुआ फात्मा जहरा लिखा गया। काशिफ सिरसीवी ने कहा कि नातवां के हौसले देखे भरे दरबार में, मार दी ठोकर अमीरे शाम दस्तार में। अंबर तुराबी ने कहा कि क्यों न हो मसरूफ जिकरे हैदरे कर्रार में, हमको दिलचस्पी नहीं है दिरहमो दीनार में। अजीम सिरसीवी ने कहा कि ऐ सुखनवर थाम ले अब तो जिमामे एहतियात, कश्तिये फिक्रो नजर है जहरा की मझदार में। तामीर सिरसीवी ने कहा कि हमने देखा ही नहीं यह फन किसी फनकार में, तेग जिसकी सात नस्ले देखले एक वार में। सलमान जैदी ने कहा कि एक शब सोया तो हासिल हो गई रब की रिजा, तुल गये सकलेन के सजदे तेरे एक वार में। सबा सिरसीवी, मोहम्मद मेहंदी, दानिश गदीरी, आमिर बनारसी, शमीम हैदर, फैजी सिरसीवी, अरशद रिजवी आदि ने भी कलाम पेश किए। इस मौके पर असद अब्बास, डा. शोजब, तहजीब हुसैन, हसीब असगर, इफ्तेखार हुसैन, ताजीम हैदर, गुड्डू आदि मौजूद रहे।
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