यहां के ग्रामीण मतदाता, शहरी मतदाताओं पर भारी पड़ गए। स्वयं को शिक्षित होने का दावा करने वाले तीनों नगर पंचायतों के मतदाता भी चुनाव आयोग की मुहिम को नहीं समझ पाए। गुन्नौर में वोट के अधिकार को महिलाओं ने बखूबी समझा और मतदान किया।
वहीं मुकाबले के दो दिग्गजों को छोड़ दिया जाए तो दर्जनों दिग्गज अपने गांव व क्षेत्र में मतदान प्रतिशत बढ़ाने में नाकाम रहे। दूसरों को अत्यधिक मतदान करने का पाठ पढ़ाने वाले भी अपने ही गांव में प्रतिशत की फर्स्ट डिवीजन न ला सके। भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी अजीत कुमार उर्फ राजू यादव अपने गांव ब्यौरा में 69.64 प्रतिशत मतदान करवा सके तो सपा प्रत्याशी वर्तमान विधायक रामखिलाड़ी यादव अपने गांव में महज 67 प्रतिशत वोट डलवा सके।
क्षेत्र के डोहरी गांव में सबसे अधिक 84.81% वोटिंग हुई। जबकि धनारी पट्टी बालूशंकर में सबसे कम 30.95% मत पड़े। 60 फीसदी पुरुषों ने जबकि 61 फीसदी महिलाओं ने मतदान में भागीदारी की।