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पुलिस जाम खुलवाती रही, घायल ने तोड़ा दम

Wed, 28 Sep 2016 12:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
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जाम
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घायल आधा घंटे तक सड़क पर तड़पता रहा और पुलिस घायल युवक को अस्पताल भिजवाने के बजाय जाम खुलवाने में लगी रही। ज्यादा खून बहने से आधा घंटे बाद एंबुलेंस पहुंची। अस्पताल ले जाते वक्त उसने दम तोड़ दिया। 
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मुरादाबाद के मोहल्ला मानपुर निवासी अजहर का बेटा कलीम और मुरादाबाद के मोहल्ला नागफनी निवासी यामीन दुकानों पर जूता सप्लाई करने का काम करते थे। मंगलवार को संभल में वे लोग जूता सप्लाई करने के लिए आ रहे थे। उन्होंने दो बोरों में भरकर जूते संभल-मुरादाबाद मार्ग पर चलने वाली पिकअप मैक्स में रख दिए थे। इसके बाद वे बाइक से संभल के लिए चले। पिकअप मैक्स, संभल के चंदौसी चौराहे के निकट पेट्रोप पंप के पास सड़क किनारे आकर रुक गई।

सड़क किनारे खड़े होकर कलीम पिकअप मैक्स की छत से जूतों का बोरा उतारने लगा। तभी मुरादाबाद की तरफ से आ रहे बजरपुट से भरे ट्रक ने कलीम को कुचल दिया। कलीम के दोनों पैर ट्रक के पहिये की नीचे आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा होने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। चंदौसी चौराहे मौजूद पुलिस भी पहुंच गई। रोड हादसा होने तथा लोगों की भीड़ लगने से मार्ग बंद हो गया। पुलिस घायल कलीम को रोड पर तड़पता छोड़ जाम खुलवाने में लग गई। जबकि लोग पुलिस से घायल को अस्पताल ले जाने की मांग कर रहे थे। कुछ लोगों ने ई-रिक्शा रोकने का प्रयास किया लेकिन ई-रिक्शा भी नहीं रुका। आधा घंटे के बाद पहुंची एंबुलेंस के अस्पताल ले जाते समय घायल ने दम         तोड़ दिया। 
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घायल को अस्पताल पहुंचाने की जिम्मेदारी पुलिस के साथ ही आम लोगों की भी है। इस मामले में यदि कहीं कोई लापरवाही पुलिस ने की है तो उसे देखेंगे। एंबुलेंस देरी से आई या पुलिस ने देरी से एंबुलेंस से लिए फोन किया दोनों ही बातें जांच में साफ हो सकेंगी।     
-कमलेश दीक्षित, अपर पुलिस अधीक्षक।

ई-रिक्शा से घायल को अस्पताल भ्‍ाेज सकती थी पुलिस
संभल। मुरादाबाद मार्ग पर पेट्रोल पंप के निकट एक बजे ट्रक ने कलीम को टक्कर मारी। कलीम के दोनों पैर बुरी तरह कुचल गए। साथी यामीन भी उसके पास पहुंच गए। पांच मिनट में ही मौके पर सैकड़ों लोग जमा हो गए। इससे जाम लग गया। जाम लगता देख चंदौसी चौराहे पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।

हादसे के दस मिनट बाद एंबुलेंस को फोन किया गया। जबकि, पुलिस लगातार जाम खुलवाने में व्यस्त थी। जबकि, अस्पताल घटना स्थल 200 मीटर दूरी पर था। ई-रिक्शा से घायल को पहुंचाया जा सकता था। 
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