चंदौसी (संभल)। रथयात्रा में श्रीराम-जानकी की झांकी के आगे बैंड धार्मिक गीतों की ध्वनि बिखेर कर रहा था। यशोदा मैया की झांकी के साथ खाटू श्याम जी का रथ रथयात्रा आयोजन की शोभा बढ़ा रहा था। बैंड के पीछे अहिल्याबाई होल्कर की झांकी थी। मेरठ के कलाकारों का नृत्य ध्यान खींच रहा था तो मत्स्य अवतार, नृत्य करते गणेश जी, मां काली का विकराल स्वरूप, सिंदूर वाले गणेश जी, हंस पर विराजमान गणपति की झांकी मनमोहक साबित हुई। वृंदावन के कलाकार हरे रामा हरे कृष्णा महामंत्र की ध्वनि पर थिरकते हुए चल रहे थे।
इसके अलावा सुंदरकांड पाठ पढ़ते हनुमान जी, महिषासुर मर्दनी, शंकर जी, रंग बिरंगी निवाड़ से बने 12 फीट ऊंचे हनुमान जी की झांकी सबका ध्यान खींच रही थीं। महाकाल की पालकी के साथ लोग महाकाल बाबा के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। रथयात्रा में सीप से बने गणेश जी की 12 फीट ऊंची विशाल मुख्य झांकी भी आकर्षण का केंद्र थी। इसके पीछे संतोषी माता का रथ चल रहा था।
मेला संचालक डॉ. गिरिराज किशोर का चित्र भी एक रथ पर स्थापित था। रथयात्रा के अंत में श्री गणेश जी का आकर्षक रथ था। रथयात्रा देखने के लिए जगह-जगह और घरों-दुकानों की छतों पर बेशुमार भीड़ जमा रही।
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कौमी एकता मंच ने गणपति को लगाया दो क्विंटल बूंदी के लड्डू का भोग
चंदौसी (संभल)। सर्वधर्म संभाव के प्रतीक मेला गणेश चौथ में सभी धर्मों के लोगों का सहयोग रहता है। कौमी एकता मंच की ओर से गणेश चतुर्थी पर श्री गणेश मंदिर पर भगवान श्री गणपति महाराज को पोशाक चढ़ाने के साथ ही दो क्विंटल बूंदी के लड्डू का भोग लगाया गया।
मंच के पदाधिकारी दोपहर के समय फव्वारा चौक से ठेले पर पोशाक और लड्डू रख कर कीर्तन मंडली के साथ मुरादाबाद गेट, बड़ा बाजार, बिसौली गेट होते हुए गणेश मंदिर पर पहुंचे। जहां विधि विधान से पूजा कर गणपति बप्पा को पोशाक चढ़ाने के साथ दो क्विंटल बूंदी के लड्डू का भोग लगाया गया। इसके बाद प्रसाद वितरण किया गया। इस मौके पर इश्त्याक वेग, फिरोज आलम, शाकिर, आलम, कवि माधव मिश्रा, फईमउद्दीन आदि मौजूद रहे।
रथयात्रा को फोन में कैद करने की रही होड़
भगवान गणपति की भव्य रथयात्रा का नजारा अपने-अपने मोबाइल में कैद करने की होड़ लगी रही। युवाओं और युवतियों ने छतों और छज्जों से रथयात्रा का नजारा लेते हुए अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्डिंग की। वहीं सड़क पर चलते लोग झांकी के साथ सेल्फी लेते नजर आए।