संभल के चंदौसी में निकली गणेश रथयात्रा में शामिल सीप से बने गणपति बप्पा की झांकी। संवाद
चंदौसी (संभल)। बैंडबाजों के बीच से उठती धार्मिक धुनें, गणपति बप्पा के सामूहिक जयकारे, कहीं छतों से बरसते फूल और एक-दूसरे से सटकर आगे बढ़ता श्रद्धालुओं का सैलाब... कुछ ऐसा ही दृश्य था विघ्नविनाशक गणपति बप्पा की विशाल और भव्य रथयात्रा का। बुधवार को गणेश चतुर्थी के अवसर पर जब इस रथयात्रा की शुरूआत हुई तो देर रात यात्रा पर विराम लगने तक पूरा शहर गणपतिमय नजर आया।
श्रद्धा-भक्ति और उल्लास से परिपूर्ण गणेश यात्रा का मुख्य आकर्षक थीं। अनेक असंख्य स्वचालित झांकिया 12 फीट या इसके भी ऊंची अलग-अलग झांकियों के एक्शन में पौराणिक व देव कथाओं के कई अहम दृष्टांत और प्रसंग थे। रंग-बिरंगी रोशन में नहाई हुई प्रत्येक झांकी की स्वचालित मुद्रा भी उससे संबंधित कथासार को बताने में मदद कर रही थी।
दो दिन पहले शुरू हुए गणेश मेले के क्रम में आयोजित रथयात्रज्ञ के आकर्षण ने शहर ही नहीं, नजदीक के कई कस्बों व जिलों के लोगों का भी रुख चंदौसी की ओर कर दिया। आयोजकों ने बुधवार को एक लाख से ज्यादा लोगों की मौजूदगी का अनुमान जताया है।
इससे पूर्व गणेश मंदिर पर दोपहर बाद जिले के प्रभारी मंत्री धर्मवीर प्रजापति और माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी ने फीता काटकर रथयात्रा की शुरूआत कराई।
रथयात्रा में सबसे आगे ऊंट व घोड़े चल रहे थे। गणेश मंदिर से शाम चार बजे आरंभ होकर यह रथयात्रा सीता रोड, मनिहार चौक, बिसौली गेट, बड़ा बाजार, घंटाघर, फड़ियाई बाजार, ब्रह्म बाजार, कैथल गेट, मेला ग्राउंड रोड होते हुए गणेश मंदिर वापस पहुंची। देर रात गणेश मंदिर पर ही रथयात्रा को विराम दिया गया।