जुनावई के साधु मढ़ी घाट पर डूबे युवक की तलाश करते गोताखोर और मौके पर भीड़।
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला संभल
कुछ ही दूरी पर कई गोताखोर शनिवार को डूबे युवकों की तलाश कर रहे थे लेकिन उससे सिर्फ एक किमी की दूरी पर रविवार को भी एक युवक डूब गया। तलाशी अभियान के बावजूद वह देर रात तक नहीं मिल सका। उसके साथी के अनुसार उसे कभी कभार दौरा पड़ जाता था। जुनावई के साधू मढ़ी गंगा घाट पर जिस स्थान पर शनिवार को तीन युवक डूबे थे, रविवार को भी उनकी खोज की जा रही थी। इससे सिर्फ एक किलो मीटर की दूरी पर गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के मदावली गांव निवासी पुनेंद्र सिंह (28) भी अपने मौसेरे भाई मल्लू राम के साथ गंगा के बीच कांस (छप्पर आदि छाने में काम आने वाली घास) को काटने गया था। अपराह्न करीब 3.30 बजे कांस काटने के बाद दोनों वापस लौट रहे थे।
मल्लू को बाहर निकल आया लेकिन पुनेंद्र सिंह अभी पानी में ही रह गया। इसी बीच शायद उसे दौरा पड़ गया। वह डूबने लगा तो मल्लू ने फिर उसे बचाने के लिए छलांग लगाई लेकिन जब लग उस तक पहुंचता पुनेंद्र नीचे डूब चुका था। शोर मचाया तो आसपास के लोग दौड़े। राजघाट, नरौरा से गोताखोरों को बुलाया गया, उन्होंने उसकी तलाश की लेकिन देर रात पुनेंद्र नहीं मिल सका था। परिजन भी मौके पर पहुंच गए। देर रात तक गोताखोर व ग्रामीण उसकी तलाश में जुटे हुए हैं।
गंगा के किनारे सतत निगरानी कर रहे हैं ताकि शेष दो युवकों के शव मिल जाए।
उसके साथी के अनुसार उसे कभी कभार दौरा पड़ जाता था। जुनावई के साधू मढ़ी गंगा घाट पर जिस स्थान पर शनिवार को तीन युवक डूबे थे, रविवार को भी उनकी खोज की जा रही थी। इससे सिर्फ एक किलो मीटर की दूरी पर गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के मदावली गांव निवासी पुनेंद्र सिंह (28) भी अपने मौसेरे भाई मल्लू राम के साथ गंगा के बीच कांस (छप्पर आदि छाने में काम आने वाली घास) को काटने गया था। अपराह्न करीब 3.30 बजे कांस काटने के बाद दोनों वापस लौट रहे थे।
मल्लू को बाहर निकल आया लेकिन पुनेंद्र सिंह अभी पानी में ही रह गया। इसी बीच शायद उसे दौरा पड़ गया। वह डूबने लगा तो मल्लू ने फिर उसे बचाने के लिए छलांग लगाई लेकिन जब लग उस तक पहुंचता पुनेंद्र नीचे डूब चुका था। शोर मचाया तो आसपास के लोग दौड़े। राजघाट, नरौरा से गोताखोरों को बुलाया गया, उन्होंने उसकी तलाश की लेकिन देर रात पुनेंद्र नहीं मिल सका था। परिजन भी मौके पर पहुंच गए। देर रात तक गोताखोर व ग्रामीण उसकी तलाश में जुटे हुए हैं।
गंगा के किनारे सतत निगरानी कर रहे हैं ताकि शेष दो युवकों के शव मिल जाए।