संभल। गंगा एक्सप्रेसवे संभल सहित प्रदेश के कई जिलों के लिए विकास के नए द्वार खोलेगा। संभल जिले में 38 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के किनारे 39 से अधिक गांव हैं। इससे जिले में औद्योगिक विकास के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।
गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ के बिजौली से शुरू होकर प्रयागराज तक जाएगा। यह एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज सहित 12 जिलों को जोड़ता है। इनमें संभल के 39 गांव शामिल हैं। एक्सप्रेसवे के शुरू होते ही प्रदेश में विकास की नई राह खुलने की उम्मीद है। यह एक्सप्रेसवे आम लोगों के सफर को आसान बनाएगा। इसके किनारे बनने वाले औद्योगिक गलियारों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इससे युवाओं को नौकरी के लिए दूसरे राज्यों में पलायन नहीं करना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर ही उद्योग लगाने के अवसर मिल सकेंगे।
मेरठ से प्रयागराज तक का सफर गंगा एक्सप्रेसवे के माध्यम से आसान बन जाएगा। 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से कार दौड़ सकेगी। कार की इस रफ्तार पर मेरठ से प्रयागराज तक 1515 रुपये का टोल भी लगेगा। सुरक्षित और व्यवस्थित सफर का यह खर्च एक्सप्रेसवे अथॉरिटी को चुकाना होगा। इसी तरह बस और ट्रक जैसे भारी वाहनों के लिए गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा तय है। इसके लिए टोल लगभग 2,405 रुपये से 9,535 रुपये तक निर्धारित किया गया है। यूपीडा के एक्सईएन ने बताया कि यह टोल दरें विभिन्न प्रकार के वाहनों के लिए अलग-अलग तय हैं।
यूपीडा के एक्सईएन राकेश कुमार मोगा ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे पर कुल 21 टोल प्लाजा होंगे। इनमें दो मुख्य टोल प्लाजा मेरठ और प्रयागराज में प्रवेश/निकास बिंदुओं पर स्थित होंगे। इसके अतिरिक्त, एक्सप्रेसवे पर चढ़ने और उतरने के विभिन्न स्थानों पर 19 रैंप या टोल प्लाजा बनाए गए हैं।