ये अभियुक्त किए गए गिरफ्तार
पुलिस ने रिंकू निवासी लहरा नगला श्याम थाना जुनावई, अजय सिंह निवासी चमरपुरा थाना रजपुरा जिला संभल, दुर्जन निवासी मोहल्ला करम घरम नरौरा थाना नरौरा जनपद बुलंदशहर, संतोष निवासी नगला मदिहा थाना कोतवाली देहात एटा, राघवेंद्र निवासी अमर विहार काॅलोनी थाना ट्रांस यमुना जनपद आगरा, रघुवीर निवासी श्याम विहार कालोनी थाना ट्रांस यमुना जनपद आगरा, आकाश निवासी गढ़ी कल्याण थाना नारकी जिला फिरोजाबाद, कप्तान सिंह निवासी विद्यापुरम थाना ट्रांस यमुना जनपद आगरा, संजय चौहान निवासी न्यू आगरा थाना न्यू आगरा जिला आगरा, डीएन त्रिपाठी निवासी शाखिपुरम थाना सिकंदराऊ जिला आगरा, जयप्रकाश भारद्वाज निवासी सेक्टर -7 बधूला थाना जगदीशपुरा जिला आगरा, सोनू उर्फ अन्ना निवासी भरतना थाना भरतना जिला इटावा, हाल निवासी फिरोजाबाद, लाल सिंह निवासी ग्राम धौर्रां थाना अहमदपुर जिला आगरा और पप्पू निवासी ग्राम जलालपुर थाना फतेहाबाद जिला आगरा को गिरफ्तार किया है।
कोड भाषा में गिरोह को मीडिया कह कर बुलाते हैं सदस्य
पुलिस के अनुसार इस गिरोह के सदस्य अपने गिरोह को कोड भाषा में मीडिया कहते हैं। यह गिरोह तंत्र क्रिया कर घर में नोटों की बारिश होने का झांसा देकर भोले भाले लोगों के साथ ठगी करता है और उनको प्रलोभन देकर उनकी लड़कियों व लड़कों का शोषण करता है। धन वर्षा तांत्रिक क्रिया एक ऐसी तांत्रिक पद्धति है जिसमें किसी दुर्लभ सामान के ऊपर कारीगर या गुरु या डीआर (कोड नेम) के द्वारा किसी विशेष दिनों में पूजा करने से धन की वर्षा होती है।
लोगों में भ्रम फैला कर अपने जाल में फंसाता है गिरोह
पुलिस के मुताबिक यह गिरोह किसी भी वस्तु को पूजा के लिए विशेष या दुर्लभ वस्तु बताकर भ्रम फैलाता है। यह दुर्लभ सामान कोई भी वस्तु हो सकती है। जैसे 20 नख का कछुआ, दो मुंह का सांप, विशेष प्रजाति का उल्लू, विशेष सीरियल नंबर के नोट, पुराने सिक्के और नव युवतियां और नवयुवक। गिरोह यह भ्रम फैलाता है कि सबसे ज्यादा नोटों की वर्षा लड़की के ऊपर तंत्र क्रिया करने पर होती है।
जिसे यह आरोपी कोड भाषा में टमाटर, टीटी या आर्टिकल या सामान कहते हैं। गिरोह के सदस्य झांसा देते हैं कि तंत्र क्रिया के लिए युवती कुंआरी हो, लंबाई 5 फीट 5 इंच से अधिक, शरीर पर कोई कटे-जले व टैटू गोदना का निशान नहीं, कोई आपरेशन नहीं, किसी जानवर ने काटा नहीं हो।
यह नोटों की बारिश करवाने के लिए एक गुरु या कारीगर (कोड नाम) होता है। जो तंत्र क्रिया करता है। यह लोग गरीब परिवार को निशाना बनाते हैं और उन्हें प्रलोभन देते हैं कि उनकी लड़की विशेष गुण संपन्न है, जिस पर तंत्र क्रिया करने से घर में नोटों की बारिश होगी।
तंत्र क्रिया से पहले लड़की की होती है जांच
तंत्र क्रिया करने से पहले गुरु या कारीगर (कोड नाम) लड़की का वीडियो बनवाता है। उसके हाथ में एक कागज देकर एक फोटो खींची जाती है। इसके अलावा अन्य चीजें भी देखी जाती हैं। इसके बाद गिरोह के सदस्य लड़की को गुरु कारीगर के पास लेकर जाते हैं, जो की एकांत में लड़की पर तंत्र क्रिया का नाटक करता है।
इसमें तांत्रिक लड़की को अचेत करते हुए दैवी शक्ति का भय दिखाकर संबंध बनाते हैं। पुलिस का दावा है कि ऐसे कई प्रमाण इस गिरोह के सदस्यों के मोबाइल से प्राप्त हुए हैं। इसी प्रकार पीड़ित राजपाल की भी यही विशेषता थी कि वह उल्टा पैदा हुआ था और किसी भी जानवर कुत्ते या बंदर के द्वारा काटा नहीं गया था। आरोपी रिंकू व अजय को पांच लाख का प्रलोभन दिया गया था।
धनारी पुलिस ने धन वर्षा यानी नोटों की बारिश के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। ये गिरोह भोले भाले गरीब परिवार की लड़कियों पर तंत्र क्रिया करने के नाम पर शोषण करता है। मानव व विशेष वन्य जीवों की तस्करी करता है। गिरोह के 14 सदस्य गिरफ्तार किए हैं। इनसे तांत्रिक क्रिया का सामान समेत वन्य जीव बरामद किए गए हैं। विधिक कार्रवाई की जा रही है। - कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी संभल