चंदौसी। डीजल के बढ़ते दामों के कारण माल ढुलाई की लागत बढ़ गई है। इन दिनों शादी-विवाह का सीजन चल रहा है। इसके साथ माल ढुलाई महंगी होने से फर्नीचर 20 फीसदी तक महंगा हुआ गया है। बढ़े दामों के कारण आम आदमी का बजट बिगड़ा है। वहीं व्यापारी भी मान रहे हैं कि माला भाड़ा बढ़ने से फर्नीचर के दाम महंगे हुए हैं। जिससे आम आदमी खरीदारी को नहीं आ रहा। सहालग से ही कारोबार होने की उम्मीद है।
डीजल-पेट्रोल और ट्रांसपोर्टेशन महंगा होने की वजह से सीधे तौर पर लकड़ी की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। चंदौसी में अधिकांश फर्नीचर के शोरूम ऐसे हैं जो खुद ही उत्पादन करते हैं। कच्चा माल मुरादाबाद, नोएडा, मेरठ, बिलासपुर आदि शहरों से आता है। कारोबारियों का कहना है कि अप्रैल माह से माल भाड़ा बढ़ने पर कारोबार में 20 फीसदी महंगाई आई है। माल भाड़ा बढ़ने से पहले नोएडा से कच्चे माल की छोटी गाड़ी में माल 4500 रुपये और बड़ी गाड़ी 11000 रुपये में आता था। वह अब क्रमश: 5300 रुपये और 13000 रुपये तक देने पड़ रहे हैं। जो सोफा 13500 रुपये में सेल होता था, वह अब 16000 रुपये में मिल रहा है।
हमारे यहां दूसरे शहरों से कच्चा माल आता है। माल भाड़ा बढ़ने से अप्रैल माह से ही फर्नीचर 20 फीसदी महंगा हो गया। आम आदमी शौक के ताैर पर फर्नीचर नहीं खरीद रहे हैं। अब कुछ दिन के बाद सहालग है, सहालग से ही कुछ कारोबार बढ़ने की उम्मीद है। महंगाई होने से कारोबार फीका हो रहा है।
मोहम्मद जीशान, फर्नीचर कारोबारी, संभल गेट चंदौसी
हमारे यहां सोफा, बेड, डायनिंग टेबल, फोम के गद्दे बना कर बेचे जाते हैं। लोकल से ही कच्चा माल मंगवाते हैं। माल भाड़ा बढ़ने से लोकल से भी कच्चा माल महंगा मिल रहा है। जिससे कारोबार में मंदी का असर है। सहालग से ही कुछ कारोबार होने की उम्मीद है।
मोहम्मद दानिश, फर्नीचर कारोबारी, संभल गेट चंदौसी
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19 जून से 12 जुलाई तक ही है सहालग
नगर के ज्योतिषाचार्य पंडित भूदेव शंखधार ने बताया कि 19 जून से सहालग शुरू हो गए हैं जो 12 जुलाई तक चलेंगे। इसके बाद 25 जुलाई को भड़ली नवमी पर सहालग है। इस दिन जिनकी शादी का योग नहीं बनता है। उनकी भड़ली नवमी को शादी हो जाती है। 25 जुलाई को देवशयनी है। देवशयनी से कोई शुभ आयोजन नहीं होता है। इसके बाद 20 नवंबर को सहालग शुरू होंंगे।