राहत चेक में हेराफेरी के मामले में बैंक और प्रशासन आमने-सामने आ गए हैं। अब दोनों पक्षों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। बिल्सी जिला प्रशासन जहां इस मामले में खुद को पाक साफ साबित करने के लिए पूरा दोष बैंक का बता रहा है। वहीं बैंक अफसर सारा दोष बिल्सी प्रशासन का बता रहे हैं। इन सबके बीच चेक बुक ढाबा संचालक के पास कैसे पहुंची प्रशासन के पास इसका कोई जवाब नहीं है।
बिल्सी के तहसीलदार बालकराम का कहना है कि किसानों के नाम अलग अलग चेक काटे गए, उसके बाद हस्ताक्षर किए गए हैं, घोटाला चेकों से नाम मिटाकर दोबारा लिखे गए। जबकि पंजाब नेशनल बैंक बहजोई के शाखा प्रबंधक एसए खान का कहना है कि चेक फ्रेश थे, तभी कोई शक नहीं हुआ। इसका मतलब चेकों पर पहली बार ही नाम व धनराशि अंकित की गई। तात्पर्य यह है कि बिल्सी से ब्लैंक चेक ही बिचौलियों के हवाले कर दी गई। इससे अब जांच के बाद ही पता चलेगा, दोनों में कौन सच्चा है और कौन झूठा। वहीं बैंक अफसर तहसीलदार के साइन की जांच कराने की भी बात कर रहे हैं।
शाखा में राहत चेकों को बैंक के तत्कालीन डिप्टी मैनेजर सुरेशचंद ने पास किया था, वही चेक पासिंग अधिकारी थे। चेक ओरिजनल था, हस्ताक्षर भी सही थे, प्रथमदृष्टया न तो कोई ओवरराइटिंग लगी और न ही कोई और कमी। फ्रेश चेक थे। इससे लगता है कि जमा करने वाले को ब्लैंक चेक बुक दी गई है, जिसमें उसने लोगों के नाम भरे। इसीलिए चेक भुगतान पर हस्ताक्षर कर दिए। गड़बड़ी बिल्सी प्रशासन की है, बैंक की नहीं। तहसीलदार के हस्ताक्षर असली है या नहीं, इसकी जांच एक्सपर्ट से कराई जाएगी।
-एसए खान शाखा प्रबंधक पंजाब नेशनल बैंक शाखा बहजोई
... अब व्यापारी पहुंच गए रकम लौटाने, हंगामा
चंदौसी/बहजोई(ब्यूरो)। बिल्सी के राहत चेकों में हेराफेरी के मामले में गिरफ्तारी की तलवार लटकी तो कई जिलों में खलबली मच गई है। सोमवार को बहजोई की पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में दर्जनों खाताधारक व्यापारी पहुंच गए। वे भुगतान की रकम लौटाना चाह रहे थे, मैनेजर ने इंकार किया तो शाखा प्रबंधक से तीखी नोकझोंक हुई। व्यापारियों ने घपले में बैंक मैनेजर के शामिल होने का आरोप लगाया। वहीं व्यापारियों का कहना है कि, हमने सामान ढाबा संचालक को दिया था, उसने चेक जमा किए। हमें नहीं पता कि, यह चेक कैसे थे।
बिल्सी के राहत चेकों के घोटाले में बहजोई के करीब पचास से अधिक लोग कार्रवाई की जद में आ रहे हैं, जिनमें खलबली मच गई है। खास बात यह है कि चेक से रकम खातों में डालने के आरोपी किशन यादव भी फोन स्विच ऑफ करके नदारद है। अब जिनके खातों में रकम डाली गई है, उनके चेहरों पर हवाइयां उड़ रही है। इनमें से तकरीबन एक दर्जन लोग सोमवार को पंजाब नेशनल बैंक शाखा पहुंच गए।
यहां प्रबंधक एसए खान से खातों की जानकारी प्राप्त की और खातों में जमा की गई धनराशि को वापस लेनेे की मांग की। जबकि शाखा प्रबंधक ने कहाकि इस तरह रकम को कहां और कैसे वापस किया जा सकता है। इसे लेकर ग्राहकों ने शाखा प्रबंधक से तीखी नोकझोंक की। मैनेजर पर घोटाले में शामिल होने, बिना पड़ताल के चेक पास करने का आरोप लगाया। जिससे दिनभर बैंक में विवाद की स्थिति बनी रही।