संभल तहसील के दरियापुर राजदेव का गांव का यही वह फोटो है, जिसे लेकर लेखपाल पर सुविधा शुल्क लेने का आरोप लगा है।
- फोटो : amar ujala
तहसील क्षेत्र के दरियापुरराजदेव गांव में लेखपाल वीरेंद्र सिंह पर एक ग्रामीण ने रुपये लेने का आरोप लगाया है। इसका फोटो सोमवार को ह्वाट्स ऐप पर वायरल हो गया। जिसमें लेखपाल और ग्रामीण दोनों के हाथ में रुपये हैं। ग्रामीण के मुताबिक खसरे में नाम की त्रुटि ठीक कराने के लिए उनसे 700 रुपये की वसूली की गई है। वहीं लेखपाल का कहना है कि उन्हें जबरन रुपये देने का प्रयास किया गया और फोटो खींच लिए गए। इसमें कोई हकीकत नहीं है। सिर्फ फंसाने की साजिश है।
लेखपाल वीरेंद्र सिंह सोमवार को दोपहर ग्राम पंचायत की राजस्व समिति का गठन करने गए थे। यहां पर मौजूद ग्रामीण करनवीर सिंह उन्हें मिला। करनवीर सिंह का कहना है कि खतौनी में उसका नाम करनवीर सिंह के स्थान पर करन सिंह कर दिया गया था।
करन सिंह के बताए पर यकीन करें तो नाम की त्रुटि ठीक करने के लिए लेखपाल ने 500 रुपये पहले लिए थे और सोमवार को जब उसने पूछा कि नाम क्यों नहीं ठीक हुआ तो तो लेखपाल ने 1000 रुपये फिर मांगे जिस पर उन्होंने 700 रुपये दिए। करनवीर ने बताया कि इसी दौरान किसी और व्यक्ति ने फोटो खींच लिए थे। जबकि लेखपाल वीरेंद्र सिंह का कहना है कि गांव में पार्टीबंदी की रंजिश है।
दो पक्ष बने हुए हैं। एक पक्ष राजस्व समिति में अपने करीबियों को शामिल कराने के लिए दबाव बना रहा था। बात न मानने पर इसी पक्ष ने उन्हें फंसाया है। उन्होंने न रुपये मांगे और न ही लिए पर एक किसान के माध्यम से जबरन रुपये देने का प्रयास हुआ। इसी दौरान फोटो खींच लिए गए।
वीरेंद्र सिंह संभल से चंदौसी के लिए स्थानांतरित किए जा चुके हैं। वह रिलीव हो चुके हैं। जहां तक रुपये के लेनदेन का आरोप है। इस बारे में शिकायत आते ही जांच करेंगे। दोष साबित होने पर कार्रवाई होगी। - अरविंद तिवारी, तहसीलदार