इसी दौरान मोरध्वज का भतीजा मुनेंद्र (17) पुत्र किशन यादव, गांव का रहने वाला विशाल (18) पुत्र अमरीश, दुर्गेश और कौशल डूबने लगे। अन्य लोगों ने चारों लोगों को डूबते हुए देखा तो मदद को रस्सी फेंकी। दुर्गेश और कौशल रस्सी पकड़कर बाहर आ गए, लेकिन मुनेंद्र और विशाल बह गए। परिजनों ने तीन बजे करीब पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। मौके पर रजपुरा थाना पुलिस पहुंच गई। स्थानीय गोताखोरों से तलाश शुरू कराई है। देर शाम तक कोई उनका पता नहीं चल सका।
मोरध्वज ने बताया कि भंडारा किया जाना था। इसलिए गांव से छह ट्रैक्टर-ट्राली, दो कार और कई बाइकों से सवार होकर लोग गंगाघाट पर पहुंचे थे। इसी दौरान हादसा हो गया। हादसे की सूचना परिजनों को हुई तो कोहराम मच गया। मुनेंद्र कक्षा 10वीं और विशाल बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र था।