जुनावई। गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के नदरौली गांव में झोपड़ी में लगी भीषण आग की चपेट में आने से पांच वर्षीय बच्चे की जिंदा जलकर मौत हो गई। इस हादसे के बाद से परिवार में चीख-पुकार मची हुई है। पुलिस के अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर जानकारी ली है।
बुधवार की दोपहर नदरौली गांव निवासी रविंद्र यादव का पांच वर्षीय इकलौता पुत्र दुर्वेश यादव खेत में बनी झोपड़ी में खेल रहा था। पास के खेत में उसकी मां रीना देवी व पिता रविंद्र यादव गेहूं फसल की निकासी के कार्य में व्यस्त थे। इसी दौरान झोपड़ी में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। ऊंची-ऊंची लपटों ने पूरी झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया।
जब तक माता-पिता और आसपास खेतों में मौजूद लोग कुछ समझ पाते और आग बुझाने का प्रयास करते तब तक दुर्वेश आग की लपटों के बीच बुरी तरह घिर चुका था। इस दर्दनाक हादसे में मासूम की मौके पर ही जलकर मौत हो गई। दुर्वेश अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। उसकी मौत की खबर जैसे ही घर और गांव में फैली, पूरे इलाके में मातम पसर गया।
गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। सूचना उपरांत स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंच गई है। गुन्नौर थाना प्रभारी संजीव कुमार मलिक ने बताया कि मृतक बच्चे के माता-पिता से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जिस समय बच्चा झोपड़ी में खेल रहा था, उस समय वह गेहूं निकासी कर रहे थे। उस समय झोपड़ी के आसपास कोई आता जाता दिखाई नहीं दिया। अचानक झोपड़ी में आ लग गई। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया है।