संभल/ओबरी। असमोली क्षेत्र के आठ गांवों में बुखार का प्रकोप है। इसमें सैकड़ों की संख्या में लोग बीमार है। इन बीमारों में ज्यादातर लोग बुखार से पीड़ित है। जिनका उपचार निजी अस्पतालों में चल रहा है। अपंजीकृत चिकित्सकों के क्लीनिक भी मरीजों से भरे पड़े हैं। स्वास्थ्य विभाग बुखार के प्रकोप से निजात दिलाने में असफल हो रहा है। दरअसल असमोली क्षेत्र के गांव मढ़न, टांडा कोठी, रचेटा, ओबरी, मुबारकपुर बंद, बुकनाला सादात, राजा गालिबपुर, शहबाजपुर में बुखार का प्रकोप बना हुआ है। इन सभी आठ गांवों में करीब पांच सौ से अधिक लोग बीमार हैं।
ज्यादातर मरीजों का उपचार निजी अस्पताल और अपंजीकृत चिकित्सकों के क्लीनिक पर चल रहा है। बुखार के मरीजों से संभल समेत मुरादाबाद मंडल के कई निजी अस्पताल भरे पड़े हैं।
संभल जिले में बुखार प्रभावित गांवों में अधिकतर लोग अपंजीकृत चिकित्सकों से उपचार करा रहे हैं जिनकी हालत बिगड़ रही है वे दूसरे शहरों में जाकर उपचार करा रहे है लेकिन विकास खंड स्तर पर बने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीज भर्ती नहीं हो रहे।
ग्रामीणों की मानें तो स्वास्थ्य विभाग बुखार के प्रकोप पर गंभीर नहीं हैं। आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग औपचारिकताएं पूरी करने के लिए शिविर का आयोजन करता है लेकिन उसमें सभी को दवाई नहीं मिलती।
अवैध पैथोलॉजी लैब डर पैदा कर रहे
असमोली क्षेत्र के आठ गांवों में बुखार का प्रकोप फैला हुआ है। पांच सौ से अधिक लोग बीमार है। बुखार से पीड़ित ज्यादातर मरीजों का उपचार निजी अस्पताल या अपंजीकृत चिकित्सकों के क्लीनिक पर हो रहा है। बुखार का इलाज कर रहे यह चिकित्सक मरीजों के साथ नया खेल कर रहे हैं। अवैध रूप से संचालित पैथोलॉजी लैब पर खून की जांच कराते हैं। जिसकी रिपोर्ट गलत तैयार की जाती है।
इसी क्रम में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी मनोज चौधरी ने गांव परियावली और शहबाजपुर कला में दो पैथोलॉजी लैब को सीज किया है। अभी कई और लैब संचालित हो रही हैं। जो बुखार के पीड़ित लोगों की ज्यादा से ज्यादा प्लेट्लेट्स कम दर्शा रही हैं। फिर गलत रिपोर्ट तैयार कर डेंगू बताया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के एक चिकित्सक ने बताया कि दो दर्जन से ज्यादा रिपोर्ट ऐसी मिलीं हैं। जिन्हें डेंगू बुखार की पूरी संभावना पैदा कर दी हैं। जबकि हकीकत में उन्हें बुखार तो निकला लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक लक्षण दिखाई नहीं दिए।