एक शादी समारोह से लौट रहे पूर्व विधायक के बेटे की गाड़ी पर चार लोगों ने फायरिंग की। गनीमत यह रही कि चालक ने साहस दिखाते हुए गाड़ी को उनके चंगुल से निकाल लिया। हमले में वह बाल-बाल बच गए। इस हमले को रजपुरा के ब्लॉक प्रमुख पद की खींचातानी से जोड़कर देखा जा रहा है।
बहरहाल पुलिस ने चार अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। अब तक की छानबीन में आरोपियों के नाम नहीं खुले हैं। पुलिस ने पीड़ित पक्ष से बातचीत करके जांच को आगे बढ़ाया है। सीओ ने घटना को संदिग्ध बताया है।
गुन्नौर के पूर्व विधायक श्यौराज सिंह के बेटे भूपेंद्र सिंह यादव उर्फ काली कस्बा बबराला की लेखपाल कालोनी में रहते हैं। वह गुरुवार की रात को रजपुरा थाना क्षेत्र में अपने पैतृक गांव हरफरी में तेज सिंह की बेटी की शादी समारोह में सम्मलित होने गए थे।
जहां से वह साढ़े दस बजे रजपुरा की ओर लौट रहे थे। रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव तुमरिया घाट के निकट पहले से घात लगाए बैठे चार लोगों ने उनकी गाड़ी पर फायरिंग शुरू कर दी। एक फायर चालक की खिड़की पर किया गया। एक फायर भूपेंद्र सिंह यादव की ओर वाली खिड़की पर लगा।
एक फायर गाड़ी के आगे जा लगा। लेकिन चल रही थी इसकी वजह से सब लोग बाल-बाल बच गए। चालक रतन यादव ने फायरिंग होने के बाद भी गाड़ी को नहीं रोका। उसके प्रयास से सबकी जान बच सकी। हमला होने के बाद सभी लोग रजपुरा थाना पहुंचे। पुलिस ने गाड़ी देखी और मौका मुआयना किया। इसके बाद तहरीर के आधार पर चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। अब आरोपियों के बारे में छानबीन हो रही है।
तुमरिया घाट में पूर्व विधायक के बेटे पर फायरिंग का मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। रजपुरा पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी- उमेश यादव, सीओ गुन्नौर।
सियासी रंजिश से जोड़कर देखा जा रहा है घटना को
घटना का कारण स्पष्ट नहीं है लेकिन इसके पीछे ब्लाक प्रमुखी को लेकर हुई सियासी रंजिश कारण हो सकती है। पूर्व विधायक के बेटे की गाड़ी पर हुई फायरिंग को ब्लॉक प्रमुख पद से जोड़कर देखा जा रहा है। वह वर्तमान में रजपुरा से ब्लॉक प्रमुख पद के दावेदार हैं। इसके लिए क्षेत्र पंचायत सदस्यों से मुलाकात भी कर रहे हैं।
वह दो वार विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं। भूपेंद्र सिंह यादव उर्फ काली के अनुज विकास यादव की पत्नी चित्रा यादव रजपुरा से ब्लॉक प्रमुख रह चुकी हैं, जबकि पूर्व में वह सत्ता के दबाव के चलते चुनाव नहीं लड़ सके थे।
चूंकि सूबे में अब भाजपा सरकार है और ब्लाक प्रमुख के पद को कब्जाने की जुगत के लिए वह हर रोज क्षेत्र पंचायत सदस्यों के साथ मुलाकात कर रहे हैं। उनके खेमे में कहा जा रहा है कि राजनीतिक रंजिश में उन्हें निशाना बनाया गया होगा। भूपेंद्र सिंह उर्फ काली के पिता श्योराज सिंह व उनकी मां प्रेमवती यादव भी गुन्नौर से विधायक रह चुकी हैं।