असमोली शुगर मिल (डीएसएम)पर सरकारी जमीन कब्जे में लेने का आरोप है। इसको लेकर संभल के एसडीएम ने लोक संपत्ति अधिनियम के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है। इसके तहत असमोली पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
असमोली शुगर मिल के चेयरमैन सुभाष पांडेय और मिल के जीएम मुकेश कश्यप पर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाते हुए लेखपाल ने आख्या दी है। इसको लेकर एसडीएम ने शुक्रवार को दोपहर बाद मौके पर टीम भेजकर जमीन की नापजोख कराई और मिल अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है। आदेश असमोली के थाना प्रभारी के पास भेजा गया है।
इधर, इस मामले में मिल के चेयरमैन सुभाष पांडेय का कहना है कि जिस जमीन पर अवैध कब्जा बताया गया है वह मिल परिसर में है और श्मशान का रास्ता है। सब इसका उपयोग करते हैं फिर अवैध कब्जा कैसे हो गया। वैसे भी मिल ने 2016 में प्रार्थना पत्र देकर अपनी 3.5 हेक्टेयर जमीन के बदले यह जमीन मांगी थी। जिस पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। मिल किसी तरह के अवैध कब्जा न करती है न ही किया गया है।
यह है कार्रवाई का आधार
संभल। एसडीएम ने 27 फरवरी को लेखपाल को अवैध कब्जे के मामले में जांच के आदेश दिए थे। इस आदेश के पालन में लेखपाल ने जो आख्या दी है उसके मुताबिक 1.937 हेक्टेयर जमीन पर लेख चीनी मिल का अवैध कब्जा है।
इससे राजस्व संहिता की धारा 77 का उल्लंघन हो रहा है। सरकार को क्षति हो रही है। इसलिए लोक संपत्ति अधिनियम की धारा 2/3 के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकती है।
थाना पुलिस को नहीं मिला आदेश
संभल। थाना पुलिस को देर शाम तक एफआईआर के आदेश नहीं मिले थे। यह जानकारी थाना प्रभारी बृजेश यादव ने दी। उन्होंने कहा कि आदेश के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।