किसान आयोग की रिपोर्ट लागू कराने, लागत मूल्य में पचास फीसदी मुनाफा जोड़कर फसल का मूल्य देने समेत विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (असली अराजनीतिक) के सैकड़ो कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को कृषि उत्पादन मंडी समिति में पंचायत करने के बाद शहरभर में किसान मार्च निकाला।
तहसीलदार को ज्ञापन सौंपने के बाद दीवार में लिखे बकायेदार किसानों के नाम मिटाए। इस दौरान नायब तहसीलदार से पदाधिकारियों की जमकर नोकझोंक भी हुई। इस मामले में 12 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।भाकियू (अअ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह की अगुवाई में प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत संभल, मुरादाबाद, अमरोहा जिले के सैकड़ो किसान कृषि उत्पादन मंडी समिति चंदौसी में एकत्रित हुए। यहां चौधरी हरपाल सिंह ने कहाकि स्टार्टअप इंडिया, बुलेट ट्रेन, सातवां वेतन आयोग आदि के बीच अरबो रुपये के बकायेदार उद्योगपतियों के कर्ज तो माफ किए जा रहे हैं लेकिन किसानों से किया वादा नहीं निभाया जा रहा है। ना तो लागत मूल्य में पचास फीसदी मुनाफा जोड़कर दिया गया और ना ही किसान आयोग की सिफारिशे लागू की गई।
छोटे छोटे किसानों के नाम तहसील की दीवारों पर लिखवाकर उन्हें अपमानित किया जा रहा है। यह तानाशाही अब सहन नहीं की जाएगी। इसके बाद किसानों ने शहभर में मार्च निकाला। तहसील कार्यालय पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। तहसीलदार को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। बकायेदार किसानों के नामों पर नजर पड़ते ही पेंट मंगाकर उसे मिटा दिया गया। यहां पहुंचे नायब तहसीलदार से तीखी नोकझोंक भी हुई।इसमें राष्ट्रीय महासचिव महक सिंह, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष हुकुम सिंह, प्रदेश सचिव आशिक रजा, युवा शाखा के मंडलाध्यक्ष ऋषभ चौधरी, जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह, संजीव गांधी, ब्रजपाल सिंह, यशपाल सिंह, आदि रहे।