संभल। साबिर नियमों की अनदेखी इस कदर कर रहा था कि उसने आतिशबाजी अपने घर में ही तैयार करनी शुरू करा दी थी। आशंका है कि वह अपनी पत्नी और बच्चों को भी इस खतरनाक काम में लगाए हुए था। इसी दौरान हादसा हुआ और बेटी और पत्नी की जान चली गई। जिस तरह हादसा हुआ है उससे स्पष्ट है कि यह धमाका रखी आतिशबाजी के अंदर लगी आग से नहीं हो सकता। ऐसेे धमाका तब ही हो सकता है जब विस्फोटक सामग्री गंधक और पोटाश के अलावा अन्य विस्फोटक का संपर्क बना हो।
जानकारों के अनुसार जिस तरह से हादसा हुआ है उससे लगता है कि विस्फोटक सामग्री कई किलो ग्राम मौके पर मौजूद थी। अगर पटाखे ही मौके पर होते तो तेज धमाका नहीं होता और अगर आग लग भी जाती तो बचकर भागने का मौका मिल जाता। वहीं दूसरी ओर जिलाधिकारी मनीष बंसल और पुलिस अधीक्षक चक्रेश मिश्र मौके पर पहुंचे तो उन्होंने राहत कार्य में तेजी के निर्देश दिए। साथ ही पुलिस से आसपास के घरों की तलाशी कराई। एक बंद मकान में भारी मात्रा में कच्चा माल बरामद हुआ है। जिसको पुलिस ने कब्जे में लिया है। अभी तक की जांच में यह सामाने आया है कि आतिशबाजी तैयार की जा रही थी। इसलिए ही एक बंद मकान में इतनी भारी मात्रा में माल का भंडारण किया गया।