संभल। मेरा बेटा तो पेट पर लेटा हुआ खेल रहा था। वह हंस रहा था और मैं भी हंस रहा था। अचानक एक बहुत तेज धमाके की आवाज आई। जिससे बेटा डर कर उछल गया और मैं संभल पाता उससे पहले ही एक ईंट मेरे बेटे के सिर में लगी और वह हमेशा के लिए खामोश कर गई। यह कहते हुए जसवंत रोने लगे। जसवंत के सिर में भी ईंट आकर लगी है लेकिन वह अपने बेटे को याद कर बेहद दुखी हैं। जसवंत को अलीगढ़ अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ओम का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। जसवंत की पत्नी आरती ने बताया कि उनके पति मजदूरी करते हैं। मंगलवार को वह घर पर ही थे। गर्मी ज्यादा थी तो गली में चारपाई डालकर लेट गए थे। और अपने साथ छह महीने के बेटे ओम को भी ले गए थे। इसी दौरान तेज धमाका हुआ और पति और बेटा खून से सने हुए घर में आए। जिन्हें देखकर चीख निकल गई। बताया कि ओम इकलौता बेटा था। दो बेटियां हैं जो बड़ी हैं। परिजनों का रोरो कर बुरा हाल है। बेटे की मौत हो गई है और पिता जिंदगी और मौत के बीच पहुंच गया है। चोट लगने से ज्यादा बेटे की मौत का सदमा है। परिजनों को भी अब जसवंत की ज्यादा चिंता सता रही है।
धमाके से टूटा खिड़की का कांच और सो रहे युवक के सिर में घुस गया, हालत गंभीर
मोहल्ला सराय निवासी लबीम पुत्र नासिर अपने घर में सो रहे थे। इसी दौरान तेज धमाका हुआ और खिड़की का कांच टूट कर उनके सिर में घुस गया। परिजनों ने अलीगढ़ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। हालत गंभीर बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि सिस्टम से मिलकर ही साबिर अवैध आतिशबाजी बनाने का काम घर में कर रहा था। अब साबिर के साथ आसपड़ोस के लोगों को इसका खामियाजा उठाना पड़ा है।