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आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के आरोप में ससुर और साला गिरफ्तार

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चंदौसी। आत्महत्या से पहले खुद को लाइव करने वाले चंदौसी के विशाल शर्मा के मामले में पुलिस ने उसके साले और ससुर को गिरफ्तार कर लिया। दोनों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। पुलिस ने दोनों से पूछताछ करके घटनाक्रम से जुड़े कई पहलुओं पर छानबीन की है लेकिन अभी इसके निष्कर्ष का खुलासा नहीं किया गया है।
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चंदौसी के वैष्णो विहार फेज-5 में गुरुवार को दोपहर निजी एक्सपोर्ट कंपनी के कर्मचारी विशाल शर्मा ने खुद को फेसबुक पर लाइव करते हुए आत्महत्या की थी। उसने अपने शरीर पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़कने के बाद खुद को आग लगाई थी और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया था। जब विशाल आग से झुलसने के बाद बचाओ-बचाओ बोलकर चीख रहा था तब पुलिस दरवाजा और खिड़की तोड़ने में लगी थी। इसमें करीब आधा घंटा लग गया और इस दौरान विशाल का अधिकतर शरीर जल गया। वह अंतिम सांसें गिन रहा था। उसे उसी हालत में तत्काल सरकारी अस्पताल लाया गया और उसने वहां पर दम तोड़ दिया। इस मामले में कोतवाली पुलिस के उप निरीक्षक राजेश कुमार पांडेय ने विशाल शर्मा के ससुर सुभाष शर्मा और साले आशीष शर्मा उर्फ आशू को नामजद किया गया। दोनों पर पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
पोस्टमार्टम का खुलासा : शत-प्रतिशत जल चुका था शरीर
चंदौसी। ज्वलनशील पदार्थ छिड़कने के बाद खुद को आग लगाने के वाले विशाल का शरीर शत प्रतिशत जल चुका था। उसके शरीर में कोई भी अंग सुरक्षित नहीं बचा था। यह निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट का है। उसकी मौत शरीर जल जाने से हुई है। उसने खुद को जलाने के लिए कौन सा ज्वलनशील पदार्थ अपने ऊपर छिड़का था यह बात अभी साफ नहीं हो सकी है।
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अब आत्महत्या के लिए उकसाने वालों से पूछताछ करेगी चंदौसी पुलिस
चंदौसी। फेसबुक लाइव और खुद के बयान की वीडियो रिकार्डिंग में विशाल शर्मा ने कई नाम लिए हैं पुलिस इन लोगों से पूछताछ करेगी ताकि पूरी घटना का सच सामने आ सके। पुलिस के विवेचक ने उस वीडियो को कई बार सुना है जिसमें उसने उन लोगों के नाम लिए हैं जो आत्महत्या के लिए उकसा रहे थे। विशाल ने जिन लोगों को जिम्मेदार बताया है उसमें ससुर और साले पर आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज है लेकिन कई लोग ऐसे हैं जिनके नाम पुलिस की एफआईआर में नहीं हैं। अब यह नाम विवेचना में खुल सकते हैं लेकिन पुलिस केवल बयान को आधार नहीं बनाएगी बल्कि बयान के बाद और भी साक्ष्य जुटाएगी।
विशाल की आखिरी कॉल बनी प्रथम सूचना रिपोर्ट का आधार
अमर उजाला ब्यूरो
चंदौसी। विशाल शर्मा से कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक की बातचीत गुरुवार को 2.55 बजे हुई थी। यह कॉल तीन मिनट आठ सेकेंड की थी। इस बातचीत में ही कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक धर्मपाल सिंह ने उसे आत्महत्या करने से रोकने का प्रयास किया था लेकिन विशाल ने कहा था कि वह अब बहुत आगे बढ़ चुका है। इसी बातचीत के दौरान विशाल ने अपने साले और ससुर का नाम लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग थी। विशाल के द्वारा कही गई बातों की रिकार्डिंग पर ही आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसकी विवेचना शुरू हो गई है। प्रथम सूचना रिपोर्ट में विशाल के द्वारा कही गई बातों का उल्लेख किया गया है। रिकार्डिंग के मुताबिक विशाल ने प्रभारी निरीक्षक को बताया है कि पुष्प विहार चंदौसी निवासी उसके ससुर सुभाष शर्मा और साले आशीष शर्मा उर्फ आशू काफी दिन से उसका मानसिक रूप से उत्पीड़न कर रहे हैं। विशाल ने प्रभारी निरीक्षक को यह भी बताया है कि 12 मार्च 2020 को यह धमकी दी गई थी कि यदि 24 घंटे के अंदर शहर नहीं छोड़ा या आत्महत्या नहीं की तो वे जान से मार देंगे। साथ ही 22 मार्च को मारपीट किए जाने का आरोप भी ससुर और साले पर लगाया गया है। प्रभारी निरीक्षक धर्मपाल सिंह ने यह सब सुनने के बाद विशाल को बहुत समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माना और उसने जान दे दी।
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