गुन्नौर। क्षेत्र में इन दिनों गेहूं की फसल पककर तैयार होने को है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए किसानों की चिंता बढ़ गई है। अमेरिका-इस्राइल व ईरान के बीच युद्ध के कारण पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित होने की अफवाह का असर स्थानीय स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। भविष्य में किल्लत की आशंका को लेकर किसान पहले से ही डीजल इकट्ठा करने में जुट गए हैं।
किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में पेट्रोल पंपों पर डीजल की किल्लत हो गई तो गेहूं की कटाई और निकासी प्रभावित हो सकती है। इसी आशंका के चलते वे अभी से डीजल जमा कर रहे हैं, ताकि फसल निकालने में किसी प्रकार की बाधा न आए। क्षेत्र के किसान मदन यादव ने बताया कि दो-चार दिन में गेहूं की फसल पूरी तरह तैयार हो जाएगी। ऐसे में हमें कटाई और निकासी के लिए डीजल की जरूरत पड़ेगी। अगर उस समय डीजल नहीं मिला तो बड़ी परेशानी खड़ी हो जाएगी, इसलिए अभी से इंतजाम कर रहे हैं।
पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार मांग अचानक बढ़ गई है। एचपी पेट्रोल पंप के प्रबंधक विनोद शर्मा ने बताया कि फिलहाल डीजल की आपूर्ति हो रही है, लेकिन बढ़ती मांग के कारण प्रत्येक किसान को सीमित मात्रा में ही डीजल दिया जा रहा है। अभी एक बार में लगभग 50 लीटर तक ही डीजल दिया जा रहा है, ताकि सभी को उपलब्ध हो सके।
किसानों की इस चिंता ने प्रशासन के सामने भी चुनौती खड़ी कर दी है। यदि समय रहते आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो गेहूं की निकासी पर असर पड़ सकता है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।