चंदौसी। भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील को लेकर भारतीय किसान यूनियन असली का विरोध जारी है। संगठन के बैनर तले किसानों ने मंगलवार को मंडी समिति में महापंचायत की। इसके बाद तहसील के लिए कूच किया। रास्ते भर नारेबाजी करते हुए पहुंचे किसानों ने तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन कर नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। मंडी समिति में कई घंटे चली पंचायत में किसानों के मुद्दे उठे। भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव ऋषिपाल सिंह ने कहा कि एकजुटता से ही समाधान निकलेगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर खाद का संकट, बिजली और फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य न मिलने की समस्याएं हैं लेकिन इस समय मुख्य मुद्दा ट्रेड डील है। इसके कुछ प्रावधान किसानों को आर्थिक तौर पर गुलाम बना सकते हैं। सरकार भी स्थिति साफ नहीं कर रही है। इसलिए किसान विरोध कर रहे हैं।
भाकियू असली की युवा इकाई के अध्यक्ष ऋषभ चौधरी ने कहा कि ट्रेड डील से अमेरिकी दालें, मक्का, सोयाबीन, फल, सब्जियां और अन्य कृषि उत्पाद देश में आने का रास्ता खुल रहा है। ऐसे में भारतीय किसानों को अपनी उपज की वाजिब कीमत मिल पाना और भी मुश्किल हो जाएगा। सबसे ज्यादा नुकसान तब होगा जब डेयरी प्रोडक्ट आयात होगा। अमेरिका का डेयरी उद्योग बड़े पैमाने पर और भारी सरकारी सहायता के साथ चलता है। यदि अमेरिकी डेयरी उत्पादों को अधिक बाजार मिला तो भारत के करोड़ों छोटे दुग्ध उत्पादक संकट में आएंगे। ट्रेड डील के किसान विरोधी प्रावधानों को निरस्त किया जाए। किसानों ने इसे लेकर नायब तहसीलदार रजत कुमार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।