संभल। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक असली की महापंचायत में शामिल होने आए संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। किसान नेताओं ने केंद्र सरकार को किसान विरोधी बताते हुए भाजपा को सत्ता से बेदखल करने की अपील की। महापंचायत में 25 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया गया।
संभल में गुरुवार को मुरादाबाद रोड पर स्थित बिजलीघर के पास मैदान में आयोजित महापंचायत में किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि किसान अपनी मांगों को लेकर पिछले नौ माह से धरने पर बैठे हैं और यह धरना तब तक जारी रहेगा जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली का रास्ता यूपी से होकर जाता है। सरकार के पास अब आखिरी हथियार हिन्दू-मुस्लिम को लड़ाना रह गया है। यदि इस हथियार से बच गए तो जीत किसानों की होगी। आने वाले चुनावों में किसान भाजपा को अपना वोट ना दें। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने किसानों को दिया है। चुनाव से पहले उन्होंने किसानों से जो वादे किए थे उसे पूरा नहीं किया है। प्रधानमंत्री देश के प्रधान सेवक नहीं है, वो चुनिंदा उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
राजेवाल ने कहा कि कॉरपोरेट जगत की नजर अब किसानों की जमीन पर है। यदि कॉरपोरेट कल्चर हावी हो गया तो आम आदमी की रोजी-रोटी अमीरों की तिजोरी में बंद हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यूपी में विधानसभा चुनाव की बयार बहनी शुरू हो गई है, यदि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य बचाना है तो भाजपा को सत्ता में आने से रोकना होगा। यदि दोबारा से भाजपा दिल्ली के तख्त पर काबिज हो गई तो ना तो नस्ल बचेगी और ना ही फसल। राजेवाल ने 25 सितंबर को भारत बंद का आह्वान करते हुए किसानों के साथ-साथ आमलोगों से इसमें शामिल होने की अपील की।
एक रहो, संघर्ष करो, यह सरकारें खुद ही हो जाएंगी नतमस्तक : वीरेंद्र सिंह हुड्डा
भाकियू असली की महापंचायत में शामिल होने आए संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य वीरेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों पर जुल्म किया है। कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज कराई गई है। इसके बाद हरियाणा, पंजाब में आवाम एक हुई और फिर अपनी आवाज को बुलंद किया। भाईचारा बढ़ा। अब यह भाईचारा पूरे हिंदुस्तान में फैल चुका है। किसान संगठनों के बीच नफरत की दीवार को तोड़कर संयुक्त किसान मोर्चा का गठन हुआ। एक रहो और संघर्ष करो का नारा लगवाते हुए हुड्डा ने कहा कि यह सरकारें एकजुटता से खुद ही नतमस्तक हो जाएंगी।
यूपी में 2022 में बोनी है नई उम्मीद की फसल : अतुल अंजान
अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव अतुल अंजान भी संभल में आयोजित भाकियू असली की महापंचायत में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि पहले किसान आंदोलन ने देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने काम किया था। उसी तर्ज पर आज नए किसान आंदोलन की जरूरत है। खेती को जीवन से जोड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा को सत्ता में आए सात साल से अधिक का वक्त हो गया, लेकिन स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट अभी लागू नहीं की गई है। सरकार ने सिर्फ लोगों को बांटने का काम किया है। यूपी में 2022 में विधानसभा का चुनाव होना है। यहां किसानों को उम्मीद की नई फसल बोनी है।
यूपी में बड़े आंदोलन की जरूरत: चढूनी
संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि पिछले नौ माह से दिल्ली बॉर्डर पर धरना चल रहा है। हरियाणा और पंजाब के किसान इसमें बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं पर यूपी की भागीदारी कम है। यूपी में बड़े आंदोलन की जरूरत है, जिसकी शुरूआत संभल हो गई है। उत्तर प्रदेश से इसलिए कि सत्ता का रास्ता यहीं से होकर गुजरता है। शराफत की भाषा यह सरकार नहीं समझती है। उन्होंने कहा कि हमारे गांव में किसी भाजपा नेता की हिम्मत नहीं, जो गांव में घुस जाए। वो दिन दूर नहीं जब हर जगह भाजपा नेताओं का विरोध होगा।
यूूपी से आंदोलन का आगाज , हम हैं साथ : चौधरी हरपाल
भाकियू असली की किसान महापंचायत के अंत में राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने माइक संभाला तो कार्यकर्ताओं में जोश भर गया। हरपाल सिंह ने कहा कि हम एमएसपी पर कानून मांग रहे हैं। सरकार सिर्फ बातें कर रही हैं काम कुछ नहीं हुआ। चार साल में गन्ने का मूल्य नहीं बढ़ा। किसानों को टमाटर सड़क पर फेंकना पड़ा। किसानों से संवाद में हरपाल सिंह ने कहा कि हमें आलू का रेट लागत का डेढ़ गुना चाहिए। बाजरा 22 रुपये से कम न बिके, कम बिका तो इसे मंडियों में भर दिया जाएगा। बीस अक्तूबर से चीनी मिलों को चलाने की बात की गई है। चालू होने से पहले बकाया मूल्य भुगतान न करने वाली मिलों पर ताला डाला जाएगा। चीनी मिलों पर किसानों का 9000 करोड़ रुपये का बकाया है। मीडिया से बातचीत में चौधरी हरपाल सिंह ने कहा कि पंजाब, हरियाणा में आंदोलन धार दे चुका है पर यूपी में इसका अब आगाज हुआ है। बड़ा राज्य है। हम यूपी के साथ हैं। यह पूरे देश की लड़ाई है। 25 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया गया है, जो अभूूूतपूर्व रहेगा। इस दौरान असरार बाबू सैफी, जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह यादव, संजीव गांधी, जयवीर सिंह यादव, दिलशाद, सुलेमान, वारिस, अशरफ अली, गंगाफल यादव, नईम अख्तर, ब्रह्मचारी यादव सहित मुरादाबाद, अमरोहा, रामपुर, बदायूं, गाजियाबाद सहित अन्य कई जनपदों के किसान शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता आशिक रजा ने की। संचालन दीपक शर्मा ने किया।
संभल नगर की सीमाओं से रूट डायवर्जन किया गया
चंदौसी, असमोली, बहजोई, बुलंदशहर से आने वाले वाहनों का रूट डायवर्जन किया गया, जिससे जाम के हालात न बनें। इसके बाद भी जगह-जगह मुख्य मार्गों पर जाम के हालात बनते रहे। यातायात पुलिस के साथ थाने की पुलिस भी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुटी रही। अधिकारियों ने भी भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। चंदौसी से आने वाले वाहनों को गोविंदपुर के नजदीक बाईपास से होकर गुजारा। बाइक और ई-रिक्शा ही संभल नगर की ओर आने दिए गए। बैरियर लगाकर यह व्यवस्था बनाई गई।
कई थानों की फोर्स और पीएसी को सुरक्षा में लगाया
भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक असली के पदाधिकारियों ने महापंचायत को सफल बनाने के लिए गांव-गांव लोगों से अपील की थी। इस अपील का परिणाम गुरुवार को सामने भी आया। अनुमानित भीड़ ही महापंचायत में शामिल होने पहुंची।
पुलिस और प्रशासन को भी भीड़ के आने का अंदाजा हो गया था इसलिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। कई थानों की पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए। अपर पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार और सीओ अरुण कुमार सिंह चंदौसी चौराहे पर बैठे रहे और अधीनस्थों से हाल लेते दिखाई दिए।